परिष्कृत तांबे के उत्पादन में तेजी लाने के लिए तैयार अडानी समूह, KCL परियोजना से 1 MTPA तांबे के उत्पादन का है लक्ष्य

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के निदेशक विनय प्रकाश ने कहा, "KCL का लक्ष्य परिष्कृत तांबे के लिए वृहद उत्पादन क्षमता का विकास करना है, जो इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स (EV) और नवीकरणीय ऊर्जा (RE) की ओर देश को और तेजी से कदम बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है."

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की कॉपर बिजनेस सब्सिडियरी, कच्छ कॉपर लिमिटेड (KCL) ने मुंद्रा, गुजरात में ग्रीनफील्ड कॉपर रिफाइनरी परियोजना के पहले चरण के लिए वित्तीय समापन हासिल कर लिया है. कंपनी ने सिंडिकेटेड क्लब ऋण के लिए भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व में बैंकों के एक संघ के साथ वित्तपोषण दस्तावेज निष्पादित किया है.

इस उद्देश्य हेतु रविवार को एक समझौते पर किए गए हस्ताक्षर और जारी बयान में कहा गया कि बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, एक्जिम बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र सहित कई दूसरे बैंकों के संघ ने KCL परियोजना के प्रथम चरण के लिए ₹6,071 करोड़ की संपूर्ण ऋण आवश्यकता को मंजूरी दे दी है.

KCL दो चरणों में 1 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) के साथ परिष्कृत तांबे के उत्पादन के लिए ग्रीनफील्ड कॉपर रिफाइनरी परियोजना की स्थापना कर रहा है. परियोजना के पहले चरण में 0.5 MTPA परिष्कृत तांबे के उत्पादन होगा जबकि इसी परियोजना के अगले चरण में 0.5 MTPA परिष्कृत तांबे के उत्पादन के साथ यह क्षमता 1 मिलियन टन प्रति वर्ष उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करेगी.

अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के निदेशक विनय प्रकाश ने कहा, “KCL का लक्ष्य परिष्कृत तांबे के लिए वृहद उत्पादन क्षमता का विकास करना है, जो इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल्स (EV) और नवीकरणीय ऊर्जा (RE) की ओर देश को और तेजी से कदम बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.” बता दें कि KCL परियोजना साल 2024 की पहली छमाही के दौरान उत्पादन शुरू करने के लिए निर्धारित की गई है.

गौरतलब हो कि, अडानी पोर्टफोलियो के कॉपर कैथोड, कॉपर रॉड और कॉपर संबंधित अन्य उत्पादों के निर्माण सहित कॉपर व्यवसाय से संबंधित गतिविधियों को शुरू करने के उद्देश्य से मार्च 2021 में स्थापित KCL अडानी समूह के मैटेरियल्स, मेटल्स और माइनिंग वर्टिकल का हिस्सा होगा।

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