
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या देश की आस्था का प्रतीक है और इस मामले में एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद एफआईआर दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होगी और “दूध का दूध, पानी का पानी” करके रहेंगे।
‘सबूत हैं तो SIT को दें, बेबुनियाद आरोप न लगाएं’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जिन लोगों के पास कोई सबूत हैं, वे उन्हें एसआईटी के सामने प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि बिना प्रमाण के आरोप लगाना बंद होना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि राम भक्तों की आस्था से किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।
‘राम भक्तों की अग्निपरीक्षा मत लो’
सीएम योगी ने कहा कि राम भक्तों की आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को ऐसी गतिविधियों की छूट नहीं दी जा सकती, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे।
अरविंद केजरीवाल पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि दिल्ली से एक सज्जन अयोध्या आए हैं, लेकिन उन्होंने दिल्ली को सिर्फ बर्बाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर उन्होंने काम किया होता तो दिल्ली भी अयोध्या की तरह विकसित और चमकती दिखाई देती।
चढ़ावा विवाद पर बयानबाजी तेज
राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अयोध्या आज विकास और आस्था का केंद्र बन चुकी है और इस विषय पर बेबुनियाद आरोप लगाने से बचना चाहिए।









