”ममता बनर्जी पर FIR नहीं होनी चाहिए थी”, अखिलेश यादव का सरकार पर बड़ा हमला, गिनाईं महंगाई की मुश्किलें

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने गढ़ मैनपुरी में मीडिया से बात करते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए हैं।

Mainpuri : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने गढ़ मैनपुरी में मीडिया से बात करते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखे राजनीतिक बाण चलाए हैं। महंगाई, अर्थव्यवस्था और हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर सपा सुप्रीमो ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की।

महंगाई और डॉलर के खेल पर कसा तंज
अर्थव्यवस्था की स्थिति पर अनोखे अंदाज में तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा, “देश में जितना डॉलर ऊपर जाएगा और रुपया जितना नीचे गिरेगा, उतनी ही देश में चाय महंगी होती जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि आज डीजल-पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं और रसोई गैस भी महंगी हो चुकी है, जिससे आम जनता का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है।

स्मार्ट मीटर और मंत्रियों पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश में बिजली के स्मार्ट मीटरों को लेकर चल रहे विवाद पर अखिलेश यादव ने कहा, “स्मार्ट सिटी बनाने का दावा करने वालों ने जनता के घरों में स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। हालत यह है कि ग्रामीण इलाकों में परेशान होकर ग्रामीणों ने इन स्मार्ट मीटरों को उखाड़ कर फेंक दिया है।” सरकार के सांगठनिक फेरबदल पर चुटकी लेते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने अपने ही एक मंत्री को ‘हाफ’ कर दिया है।

ममता बनर्जी और विपक्षी नेताओं का किया बचाव
राजनीतिक बदले की भावना का आरोप लगाते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आज विपक्ष के पूर्व मुख्यमंत्रियों के खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा, “ममता बनर्जी पर किसी भी कीमत पर एफआईआर नहीं होनी चाहिए थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केंद्रीय एजेंसियों और कानूनी कार्रवाइयों का इस्तेमाल कर विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।

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