
झारखण्ड की सियासत में लगातार 36 घंटे तक चले हाई वोल्टेज पॉलिटिकल ड्रामे पर आखिरकार फुल स्टॉप लग ही गया। शुक्रवार 2 फरवरी को झारखंड राज्यपाल ने JMM-कांग्रेस-RJD गठबंधन के नेता चंपई सोरेन ने राज्य के नए सीएम के रूप में शपथ ले लिया है।
चंपई सोरेन ने राजभवन में पद एवं गोपनीयता की शपथ हिन्दी में ली। राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने उनको मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। इससे पहले राज्यपाल के निर्देश पर मुख्य सचिव एल. खियांग्ते को सीएम मनोनीत करने के आदेश को पढ़ कर सुनाया। गौरतलब है कि चम्पई सोरेन को गुरुवार की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे राजभवन बुलाकर मनोनयन पत्र सौंपा गया था। उनके साथ दो अन्य मंत्रियों के रूप में कांग्रेस के आलमगीर आलम और राजद के सत्यानंद भोक्ता ने भी शपथ लिया है। राज्यपाल ने नए मुख्यमंत्री को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए दस दिनों का समय दिया है।
इससे पहले चंपई और गठबंधन के नेताओं ने दावा किया था कि वे बुधवार रात 9 बजे राज्यपाल से मिलने पहुंचे थे और सरकार बनाने का दावा पेश किया था। लेकिन गवर्नर के तरफ से शपथ ग्रहण का समय नहीं मिला। झारखंड में यह सब खेल तब शुरू हुआ, जब जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन को ईडी ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी से पहले हेमंत ने राजभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया, उसके बाद ईडी के गिरफ्तार करने वाले मैमो पर साइन किया। हेमंत के ईडी कस्टडी में जाने पर JMM और गठबंधन में शामिल दलों ने चंपई सोरेन को विधायक दल का नया नेता चुन लिया।









