
देवरिया। रामजानकी मार्ग पर राप्ती नदी पर स्थित उग्रसेन सिंह पुल में गड्ढा बनने के 70 घंटे बाद भी मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया है। पुल की जर्जर हालत को देखते हुए दोपहिया वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह रोक दिया गया है, जिससे देवरिया और गोरखपुर जिले के हजारों लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
शनिवार को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की परियोजना क्रियान्वयन इकाई, गोरखपुर के परियोजना प्रबंधक नुसरत खान ने पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान पुल के कई हिस्सों में पहले भी गड्ढों की मरम्मत किए जाने के निशान मिले। उन्होंने जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
किन गांवों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर?
पुल बंद होने से गोरखपुर जिले के नेतवार, बगहा, पटना और पौहरिया गांवों के लोग खरीदारी व अन्य जरूरी कामों के लिए देवरिया नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, देवरिया जिले के कपरवार, महेन, बारादीक्षित, राजपुर, नौकाटोला, बेलडाड़, खोरी और लबकनी समेत आसपास के गांवों के निवासियों को इलाज के लिए बड़हलगंज जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। ई-रिक्शा का संचालन भी पूरी तरह ठप है और सबसे ज्यादा दिक्कत स्कूली बच्चों, मरीजों, बुजुर्गों और दैनिक यात्रियों को हो रही है।
पुलिस की मौजूदगी में स्कूल वाहनों को अनुमति पर विवाद
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि जहां एक ओर आम वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित है, वहीं दूसरी ओर कपरवार चौकी पुलिस की मौजूदगी में कुछ निजी विद्यालयों के वाहनों को पुल पर बने बड़े गड्ढे तक जाने की अनुमति दी जा रही है। लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि पुल असुरक्षित है तो नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए और किसी अप्रिय घटना की स्थिति में जिम्मेदारी कौन लेगा।









