दिव्या मित्तल की सियासत में एंट्री, अनुप्रिया पटेल के लिए सियासी संकट !

उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल के अगले कदम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। मिर्जापुर की पूर्व जिलाधिकारी रह चुकीं दिव्या मित्तल ने 15 अक्टूबर को अपने राजनीतिक सफर के अगले कदम का ऐलान करने की तारीख तय की है। उनके इस ऐलान पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

दोपहर 1 बजे सामने आएगा अगला कदम

दिव्या मित्तल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए बताया था कि वह 15 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे अपने राजनीतिक सफर के अगले कदम की जानकारी देंगी। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अभी तक किसी मौजूदा राजनीतिक दल में शामिल होने या मिर्जापुर की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी।

अनुप्रिया पटेल के गढ़ में बढ़ी राजनीतिक हलचल

मिर्जापुर केंद्रीय मंत्री और अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में दिव्या मित्तल की राजनीतिक सक्रियता को जिले की राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दिव्या मित्तल पहले मिर्जापुर की जिलाधिकारी रह चुकी हैं और यहां उनका प्रशासनिक कार्यकाल भी चर्चा में रहा था।

2027 के चुनाव को लेकर लगाए जा रहे कयास

दिव्या मित्तल के राजनीतिक कदम को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उनके चुनाव लड़ने, संभावित सीट और राजनीतिक संगठन को लेकर अंतिम स्थिति उनके आधिकारिक ऐलान के बाद ही स्पष्ट होगी। अनुप्रिया पटेल पर इसके संभावित असर और 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर फिलहाल चर्चाएं और अटकलें हैं, किसी घोषित चुनावी मुकाबले की पुष्टि नहीं हुई है।

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