बंगाल और असम में सरकार गठन की कवायद तेज: अमित शाह संभालेंगे बंगाल की कमान, नड्डा होंगे असम के पर्यवेक्षक

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अभूतपूर्व सफलता के बाद अब दोनों राज्यों में नई सरकारों के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच गई है। पार्टी आलाकमान ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण नियुक्तियां करते हुए संकेत दे दिए हैं कि अगले कुछ दिनों में नेतृत्व का चयन और शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हो जाएगा।

पश्चिम बंगाल: अमित शाह की निगरानी में होगा ‘ऐतिहासिक’ बदलाव

बंगाल में पहली बार पूर्ण बहुमत (206 सीटें) के साथ सत्ता में आने वाली भाजपा के लिए यह जीत विशेष महत्व रखती है। राज्य की रणनीतिक महत्ता को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने सरकार गठन की पूरी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सौंपी है। अमित शाह न केवल मुख्यमंत्री पद के नाम पर अंतिम मुहर लगवाएंगे, बल्कि मंत्रिमंडल के स्वरूप और शपथ ग्रहण की पूरी प्रक्रिया की प्रत्यक्ष निगरानी भी करेंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बंगाल में शपथ ग्रहण के साथ ही ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प की दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा।

असम: नेतृत्व चयन के लिए जेपी नड्डा बने पर्यवेक्षक

असम में भाजपा नीत एनडीए ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता में वापसी की है। यहाँ सरकार गठन को औपचारिक रूप देने के लिए भाजपा संसदीय बोर्ड ने विधायक दल की बैठक के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की घोषणा कर दी है।

  • केंद्रीय पर्यवेक्षक: केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को असम के लिए मुख्य पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
  • भूमिका: श्री नड्डा असम के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे और विधायक दल के नेता (मुख्यमंत्री) के चुनाव की प्रक्रिया का संचालन करेंगे। माना जा रहा है कि असम में विकास और निरंतरता को ध्यान में रखते हुए ही आगामी नेतृत्व का फैसला लिया जाएगा।

शपथ ग्रहण की तैयारी अंतिम चरण में

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दोनों राज्यों में नेतृत्व चयन की प्रक्रिया 24 से 48 घंटों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। भाजपा इस जीत को ‘विजय उत्सव’ के रूप में मनाने की तैयारी में है, जिसके लिए दोनों राज्यों की राजधानियों—कोलकाता और गुवाहाटी—में शपथ ग्रहण समारोह के लिए भव्य इंतजाम किए जा रहे हैं।

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