
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) को ₹3,400 करोड़ के संशोधित आवंटन के साथ मंजूरी दे दी है। इसमें ₹1,000 करोड़ का अतिरिक्त बजट जोड़ा गया है, ताकि पशुधन विकास को मजबूत किया जा सके और किसानों की आय को बढ़ावा मिल सके।
नई योजनाओं और प्रोत्साहनों की घोषणा
इस योजना में दो नए प्रोत्साहन जोड़े गए हैं। पहला, 15,000 हीफर गायों के लिए हीफर रियरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए पूंजी लागत का 35 प्रतिशत एकमुश्त सहायता प्रदान किया जाएगा। दूसरा, किसानों को उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता (HGM) IVF हीफर गायों को खरीदने के लिए 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
वृद्धि के लिए योजना का विस्तार
संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन 15वीं वित्त आयोग के तहत वित्तीय वर्ष 2025 और 2026 के लिए बढ़े हुए फंड के साथ स्वीकृत किया गया है। योजना में संतान उत्पादन, कृत्रिम गर्भाधान, पशु प्रजनन फार्म, सेक्स-छांट सेमेन, और किसानों के प्रशिक्षण जैसी प्रमुख गतिविधियों का समर्थन जारी रहेगा।
दूध उत्पादन में वृद्धि
पिछले एक दशक में, भारत का दूध उत्पादन 63.55 प्रतिशत बढ़ा है, और प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता FY14 में 307 ग्राम प्रति दिन से बढ़कर FY24 में 471 ग्राम प्रति दिन हो गई है। इस अवधि में पशुधन उत्पादकता में 26.34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
आर्थिक लाभ और ग्रामीण जीवन में सुधार
इस योजना के माध्यम से दूध उत्पादन और उत्पादकता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। यह योजना देश के स्वदेशी बकरियों को भी वैज्ञानिक प्रजनन और जीनोमिक चिप्स के माध्यम से समर्थन देती है, जिससे पशुधन उत्पादकता और सुधार होगा।
भारत के 8.5 करोड़ डेयरी किसानों के लिए, संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन ग्रामीण आजीविका में सुधार लाने और भारत की डेयरी उद्योग को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।









