अमेरिकी विवादों को पीछे छोड़ गौतम अदाणी का बड़ा ऐलान, नई टेक्नोलॉजी में ₹1.5 लाख करोड़ निवेश का मेगा प्लान…

अरबपति गौतम अडानी ने दावा किया है कि अडानी ग्रुप के यूएस कानूनी मुद्दे अब पीछे छूट गए हैं। ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिन्यूएबल एनर्जी और एआई डेटा सेंटर्स में ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश किया है।

नई दिल्ली: भारतीय उद्योगपति और रिन्यूएबल एनर्जी किंग गौतम अदाणी ने बड़ा दावा किया है कि उनका अदाणी ग्रुप संयुक्त राज्य अमेरिका (US) की सभी कानूनी चुनौतियों और जांच के साए से पूरी तरह आगे निकल चुका है। शेयरधारकों को लिखे अपने वार्षिक पत्र में चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि ग्रुप अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रांति से पैदा होने वाली भारी मांग को पूरा करने के लिए एनर्जी, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश की रफ्तार को कई गुना बढ़ाने जा रहा है।

पिछले साल 2024 के आखिर से अमेरिकी अधिकारियों की कड़ी जांच और रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस में लगे कथित रिश्वत के आरोपों के बाद ग्रुप को भारी दबाव का सामना करना पड़ा था। हालांकि, अब इन मुद्दों पर पूर्णविराम लगाते हुए अदाणी ने कहा:

“हमारी US कानूनी कार्रवाई से जुड़े मामले अब पीछे छूट गए हैं। अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने इस मुद्दे पर समझौता कर लिया है, जबकि अमेरिकी न्याय विभाग ने हमारे खिलाफ सभी आरोप वापस लेने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अब हम नए आत्मविश्वास और भरोसे के साथ अपनी ग्रोथ के अगले फेज पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

“AI के सोचने से पहले, एनर्जी को बहना चाहिए”

गौतम अदाणी ने भविष्य के वैश्विक तकनीकी विकास के लिए एक बेहद व्यावहारिक और कड़ा मंत्र दिया। उन्होंने तर्क दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपनाने के लिए दुनिया को सिर्फ सॉफ्टवेयर ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में बिजली (पावर जनरेशन), ट्रांसमिशन नेटवर्क, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होगी। उन्होंने अपनी रणनीति को दो मुख्य स्तंभों— इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) और इंटेलिजेंस (एआई) पर केंद्रित किया है।

अदाणी ने अपनी दूरदर्शिता साझा करते हुए लिखा, “AI के सोचने से पहले, एनर्जी को बहना चाहिए।” यानी डिजिटल और सॉफ्टवेयर इनोवेशन की रीढ़ की हड्डी असल में फिजिकल और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर ही है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के बड़े माइलस्टोन और विस्तार योजनाएं

अडानी ग्रुप ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अपने इतिहास का सबसे बड़ा सालाना कैपिटल खर्च कार्यक्रम चलाया, जिसके तहत ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक का भारी निवेश किया गया। ग्रुप के विभिन्न सेक्टर्स में हुई प्रगति का विवरण इस प्रकार है:

कंपनी/बिजनेस वर्टिकलमुख्य उपलब्धियां और भविष्य के लक्ष्य
अदाणी ग्रीन (Adani Green)चालू वर्ष में 5.1 GW की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी; कुल ऑपरेशनल पोर्टफोलियो 19 गीगावाट (GW) के पार पहुंचा।
अदाणी न्यू इंडस्ट्रीजहरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 5-MW का ग्रीन हाइड्रोजन पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक शुरू किया।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंसबिजली ट्रांसमिशन की ऑर्डर बुक बढ़कर रिकॉर्ड ₹71,779 करोड़ तक पहुंची।
अदाणी पावर (Adani Power)वित्त वर्ष 2032 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 42 GW करने के लिए ₹2 लाख करोड़ से अधिक के एक्सपेंशन प्रोग्राम पर काम जारी।
अदाणी पोर्ट्स (Adani Ports)एक साल में रिकॉर्ड 500 मिलियन टन से अधिक कार्गो को हैंडल करने वाला पहला भारतीय ऑपरेटर बना।
एयरपोर्ट और डेटा सेंटरनवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी में नया टर्मिनल चालू; साल 2030 तक 2-GW क्षमता का डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म बनाने का लक्ष्य और विशाखापत्तनम प्रोजेक्ट के लिए गूगल (Google) के साथ MoU साइन किया।

रिकॉर्ड मुनाफा: मुनाफे में 13.9% की जबरदस्त उछाल

तमाम वैश्विक आलोचनाओं और कड़े नियामकीय (रेगुलेटरी) सवालों के बावजूद निवेशकों ने अदाणी ग्रुप पर खुलकर भरोसा जताया, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण अदाणी एंटरप्राइजेज का हालिया ₹24,930 करोड़ का सफल राइट्स इश्यू रहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय परिणाम भी ग्रुप की मजबूत पकड़ को बयां करते हैं।

  • कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: वार्षिक आधार पर 7.4% की बढ़त के साथ ₹2.92 लाख करोड़ रहा।
  • नेट प्रॉफिट (टैक्स के बाद मुनाफा): शानदार 13.9% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹46,377 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया।

गौतम अदाणी ने अंत में स्पष्ट किया कि अब ग्रुप के सामने सबसे बड़ी चुनौती पूंजी (कैपिटल) जुटाना नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा और एआई-संचालित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी मेगा परियोजनाओं को रिकॉर्ड समय में और तेजी से धरातल पर उतारना है।

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