
Ghaziabad : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सीवेज के सैंपल में वैक्सीन से बना पोलियोवायरस टाइप-1 मिलने के बाद हेल्थ डिपार्टमेंट अलर्ट मोड में आ गया है। हालांकि अभी तक किसी बच्चे में पोलियो इंफेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सीवेज में वायरस मिलने से अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। इसके बाद प्रभावित इलाकों में खास निगरानी और घर-घर सर्वे शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
जानें क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, हेल्थ डिपार्टमेंट हर महीने शहरी और ग्रामीण इलाकों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी के सैंपल इकट्ठा करके उनकी टेस्टिंग करता है। हाल ही में डूंडाहेड़ा STP से लिया गया सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट में VDPV-1 स्ट्रेन की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आते ही हेल्थ डिपार्टमेंट ने तुरंत एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए।
12 इलाकों की जांच प्रकिया शुरू
अधिकारियों ने 12 शहरी इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए 107 हेल्थ टीमों को लगाया गया है। ये टीमें पांच साल तक के बच्चों की हेल्थ की स्थिति, वैक्सीनेशन रिकॉर्ड और किसी भी संभावित बीमारी के लक्षणों के बारे में जानकारी इकट्ठा करेंगी। यह सर्वे राजनगर, शास्त्री नगर, बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया, दौलतपुरा, न्यू पंचवटी कॉलोनी, घूकना, हिंडन विहार, कैला भट्टा, मिर्जापुर, विजय नगर-1, विजय नगर-2 और खैराती नगर जैसे इलाकों में किया जाएगा। हेल्थ अधिकारियों का मानना है कि रेगुलर वैक्सीनेशन की कमी या कुछ बच्चों का वैक्सीन से छूट जाना वायरस के फैलने का एक बड़ा कारण हो सकता है। यही वजह है कि अब वैक्सीनेशन कवरेज का भी रिव्यू किया जा रहा है। ताकि स्थिति का सही पता लगाया जा सके और आइसो को फैलने से रोका जा सके।
हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पोलियो एक गंभीर वायरल बीमारी है जो एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है। यह बीमारी इम्यून सिस्टम पर हमला करती है और गंभीर मामलों में हमेशा के लिए पैरालिसिस या मौत का कारण बन सकती है। हालांकि सीवेज में वायरस का पता चलने से सीधे तौर पर बीमारी फैलने की पुष्टि नहीं होती है, लेकिन इससे यह पता चलता है कि वायरस किसी न किसी लेवल पर कम्युनिटी में मौजूद हो सकता है।









