एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लिए सरकार का ‘ब्रांड यूपी’ पर फोकस, हर विभाग में नोडल अधिकारी तैनात करने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की बनाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए सीएम ने ब्रांड यूपी पर फोकस किया है। इसे लेकर उन्होंने सलाहकार कंपनी डेलाइट इंडिया के सहयोग के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर की बनाने के हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए सीएम ने ब्रांड यूपी पर फोकस किया है। इसे लेकर उन्होंने सलाहकार कंपनी डेलाइट इंडिया के सहयोग के लिए नोडल अधिकारी तैनात करने के निर्देश दिए हैं। ये नोडल अधिकार सलाहकार कंपनी डेलाइट इंडिया के प्रतिनिधियों की हर मदद करेगी। नोडल अधिकारी सलाहकार कंपनी के प्रतिनिधियों के संपर्क करने पर उन्हें विभागीय अभिलेख और आंकड़े देने में भी मदद करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सलाहकार कंपनी को प्रथम ड्राफ्ट तकनीकी रिपोर्ट अनुबंध हस्ताक्षर होने के 90 दिनों यानि दो नवंबर तक सौंपनी है। सीएम योगी के निर्देश के बाद नियोजन विभाग ने सलाहकार कंपनी को अभिलेख और आंकड़े देने के लिए सभी अपर मुख्य सचिवों को भी पत्र लिखा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड यूपी की खूबियों की होगी चर्चा
एक ट्रिलियन डॉलर कि अर्थव्यवस्था को ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड यूपी की खूबियों और निवेश के फायदों के बारे में जानकारी दी जाएगी। ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अलावा प्रदेश में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर और उपलब्ध संसाधनों आदि के बारे में भी बताया जाएगा।

विभागों के मत के बाद होगा आवश्यक संशोधन
डेलाइट इंडिया की ओर से पहली ड्राफ्ट तकनीकी रिपोर्ट पर विभागों के मत पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति विचार करेगी। इसके बाद आवश्यक संशोधनों से सलाहकार कंपनी को सूचित किया जाएगा। इन संशोधनों का समावेश करते हुए डेलाइट इंडिया अंतिम तकनीकी रिपोर्ट एक जनवरी 2023 तक दुबारा प्रस्तुत करेगी। इसके बाद सीएम योगी के समक्ष कंपनी की ओर से प्रस्तुतीकरण किया जाएगा और सीएम योगी ही इस पर अंतिम निर्णय लेंगे।

10 सेक्टरों के 50 से अधिक विभागों का होगा परीक्षण
एक ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य के लिए 10 सेक्टरों के 50 से अधिक विभागों का परीक्षण किया जाएगा। इन सभी विभागों में चल रही योजनाओं और धरातल पर उसके प्रभाव का परीक्षण किया जाएगा। उसी के आधार पर विभागवार रणनीति तैयार की जाएगी और फिर उसे अमलीजामा पहनाया जाएगा।

Related Articles

Back to top button