2035 तक होगा भारत का अपना स्पेस स्टेशन, ISRO ने शुरू की अंतरिक्ष में नई यात्रा की तैयारी

भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक कदम बढ़ाने जा रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चेयरमैन वी नारायणन ने घोषणा की है कि भारत साल 2035 तक अपना खुद का स्पेस स्टेशन स्थापित करेगा। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksha Station) के पहले मॉड्यूल को मंजूरी मिल चुकी है और इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर दी जानकारी

अहमदाबाद में आयोजित तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम के दौरान ISRO प्रमुख वी नारायणन ने कहा कि भारत अंतरिक्ष तकनीक में लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश की अंतरिक्ष सेवाएं आम नागरिकों के जीवन से जुड़ी हुई हैं और इनका इस्तेमाल पृथ्वी अवलोकन, रिमोट सेंसिंग, टेलीकम्युनिकेशन, टेलीविजन प्रसारण, टेली-एजुकेशन, आपदा चेतावनी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।

64 साल में बदली भारत की अंतरिक्ष यात्रा

ISRO चीफ ने कहा कि भारत ने 64 साल पहले अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम शुरू किया था और आज देश अंतरिक्ष विज्ञान में नई ऊंचाइयों तक पहुंच चुका है। उन्होंने बताया कि भारत अब सिर्फ सैटेलाइट लॉन्च करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव अंतरिक्ष मिशन और अंतरिक्ष स्टेशन जैसे बड़े अभियानों की तैयारी कर रहा है।

Gaganyaan मिशन पर भी चल रहा काम

वी नारायणन ने बताया कि भारत के प्रमुख आगामी मिशनों में Gaganyaan Human Spaceflight Mission भी शामिल है। इस मिशन के जरिए भारत मानव को अंतरिक्ष में भेजने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की योजना पर भी काम जारी है।

चंद्रयान-3 की सफलता बनी बड़ी उपलब्धि

उन्होंने कहा कि 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग भारत के अंतरिक्ष इतिहास की बड़ी उपलब्धि रही। इसी सफलता को याद करते हुए हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जाता है।

निजी कंपनियों की भागीदारी से बढ़े अवसर

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ने से भारत के लिए नए अवसर खुले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में कई नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।

ISRO की बढ़ती क्षमताएं

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ISRO का काम कम नहीं हुआ है, बल्कि उसकी क्षमता पहले से काफी बढ़ी है। सैटेलाइट निर्माण, पेलोड तैयार करने और लॉन्चिंग जैसी प्रक्रियाओं में अब पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी और दक्षता आई है।

भारत का भविष्य का अंतरिक्ष मिशन

भारत अब अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़े लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। चंद्रयान-3, Gaganyaan और Bharatiya Antariksha Station जैसे मिशन भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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