
एशियन गेम्स 2026 में रविवार का दिन भारतीय स्क्वॉश के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। भारत के स्टार स्क्वॉश खिलाड़ी अभय सिंह और महज 18 साल की अनाहत सिंह ने मेन्स और विमंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचकर सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम किए। हालांकि दोनों ही खिलाड़ी अपने-अपने खिताबी मुकाबले में गोल्ड मेडल जीतने से चूक गए, लेकिन उनके इस शानदार प्रदर्शन ने भारतीय खेलों में नया इतिहास रच दिया है।
बता दें, अभय सिंह एशियन गेम्स के मेन्स सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले सौरभ घोषाल के बाद महज दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने। खिताबी मुकाबले में अभय का सामना मलेशिया के शीर्ष खिलाड़ी इवान यो से हुआ, जहां मलेशियाई खिलाड़ी ने 3-0 (11-9, 11-4, 11-4) से सीधे गेमों में जीत दर्ज की। पहले गेम में अभय ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन बाद के दोनों गेमों में मलेशियाई खिलाड़ी का दबदबा रहा।
वहीं, विमंस सिंगल्स के फाइनल में 18 वर्षीया अनाहत सिंह का मुकाबला मलेशिया की सिवासंगारी सुब्रमण्यम से हुआ। सुब्रमण्यम ने अनाहत को 3-0 (11-4, 11-4, 11-7) से हराकर गोल्ड मेडल जीता। भले ही अनाहत को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वह एशियन गेम्स के इतिहास में विमंस सिंगल्स के फाइनल में पहुंचने वाली और सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला स्क्वॉश खिलाड़ी बन गई हैं।









