बांदा में अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश: मोबाइल चोरी और सप्लाई की ‘फैक्ट्री’ पकड़ी, 9 शातिर गिरफ्तार

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पुलिस ने साइबर अपराध के एक ऐसे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है जो मोबाइल फोन को ‘हथियार’ बनाकर ठगी के धंधे को हवा दे रहा था। पुलिस ने साइबर ठगी की कथित ‘फैक्ट्री’ का खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि राजस्थान और हरियाणा तक अपने पैर पसार चुका था। इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन, पुर्जे और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास घेराबंदी कर दबोचा

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के समीप कुछ संदिग्ध लोग मोबाइल फोन की एक बड़ी खेप के साथ मौजूद हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की और मौके से 9 बदमाशों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 88 मोबाइल फोन, 92 मदरबोर्ड, 66 बैटरियां, 20 फर्जी बिल, 7 बाइक और 11 हजार रुपये की नकदी बरामद हुई। पकड़े गए सभी आरोपी मूल रूप से फतेहगढ़ जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

गांव-गांव घूमकर फैलाया था जाल

पूछताछ में गिरोह के काम करने के चौंकाने वाले तरीके का खुलासा हुआ है। आरोपी गांव-गांव जाकर लोगों को झांसे में लेते थे और उनसे पुराने, खराब या चोरी के मोबाइल फोन सस्ते दामों पर खरीदते थे। इसके बाद इन मोबाइलों को ठीक कर या उनके पार्ट्स बदलकर उन्हें साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। इस तरह यह गिरोह साइबर ठगों को वारदातों के लिए ‘क्लीन’ मोबाइल उपलब्ध कराने वाली सप्लाई लाइन के रूप में काम कर रहा था।

राजस्थान और हरियाणा तक जुड़े हैं तार

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने राजस्थान और हरियाणा में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है। वहां से भागकर ये अपराधी बांदा और आसपास के बुंदेलखंड के इलाकों में अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश में थे। एएसपी शिवराज ने बताया कि साइबर पुलिस और कोतवाली थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया है।

एसपी पलाश बंसल ने इस सफलता पर पुलिस टीम की सराहना की है और पकड़े गए आरोपियों की पुरानी आपराधिक कुंडली खंगालने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, पुलिस इस गिरोह के अन्य संपर्कों और उन साइबर ठगों की पहचान करने में जुटी है जो इनसे मोबाइल फोन खरीदते थे। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

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