
डिजिटल डेस्क- यूरोप और मिडिल ईस्ट के कई देशों के बीच में इस वक्त तनाव की स्थिति है.और युद्ध की स्थिति की वजह से कई दूसरे देशों की आर्थिक हालात खराब होती जा रही है.इस लिस्ट में पाकिस्तान और अफगानिस्तान का नाम शामिल है.
आर्थिक हालत खराब होने की वजह से तालिबान ने कई देशों के साथ बात करने की सोची.अफगानिस्तान के शहर काबुल में तालिबान की ओर से सोमवार को एक मीटिंग बुलाई गई थी. इस मीटिंग में भारत समेत 10 देशों ने हिस्सा लिया था. मीटिंग में हिस्सा लेने वाले देशों के नाम कुछ इस तरह हैं…
भारत
कजाकिस्तान
तुर्किये
रूस
चीन
ईरान
पाकिस्तान
उज्बेकिस्तान
तुर्कमेनिस्तान
इंडोनेशिया और किर्गिस्तान.
इस मीटिंग का मकसद ही यही था कि इन देशों के बीच में व्यापक सहयोग को बढ़ाया जा सके.काबुल में हुई इस बैठक को तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी ने संबोधित किया.उन्होंने तालिबानी हुकूमत पर पाबंदियां हटाने की मांग की है.जानकारी के लिए बता दें कि साल 2021 में तालिबान के फिर से सत्ता में आने के बाद भारत समेत कई देशों ने अफगानिस्तान से सारे डिप्लोमैटिक संबंध तोड़ दिए थे.इतना ही नहीं दूतावास को भी बंद कर दिया था.








