
उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले ‘मेरठ नीला ड्रमकांड’ मामले में एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। निचली अदालत से फांसी की सजा पाए मुख्य दोषियों मुस्कान और साहिल ने अपनी दोषसिद्धि और मृत्युदंड के फैसले को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दोनों दोषियों ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में अपील याचिका दाखिल कर निचली अदालत के फैसले को रद्द करने की मांग की है।
बता दें, गौरतलब है कि मेरठ की स्थानीय अदालत ने बीती 14 अक्टूबर को मामले की गंभीरता और साक्ष्य मिटाने सहित जघन्य अपराध के जुर्म में सुनवाई करते हुए मुस्कान और साहिल दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट ने दोनों दोषियों पर 50-50 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी ठोका था। हत्या के बाद शव को नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में छिपाने और साक्ष्यों को नष्ट करने की इस खौफनाक वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।
हाईकोर्ट में दाखिल की गई इस याचिका में दोषियों ने निचली अदालत के फैसले में कानूनी कमियों का हवाला देते हुए राहत की गुहार लगाई है। न्यायपालिका से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट में इस अपील याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होने की पूरी संभावना है। अब देखने वाली बात होगी कि हाईकोर्ट इस हाई-प्रोफाइल मामले में फांसी की सजा पर स्टे लगाता है या सुनवाई के बाद निचली अदालत के कड़े फैसले को बरकरार रखता है।









