
मेरठ: मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी की 10 महीने की बेटी राधा की परवरिश को लेकर नया मामला सामने आया है। मुंबई के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने बच्ची की जिम्मेदारी लेने और उसके पालन-पोषण का खर्च उठाने की इच्छा जताई है। इसके लिए उन्होंने मेरठ की संबंधित अदालत में अर्जी भी दाखिल की है। वहीं, मारे गए सौरभ राजपूत के परिवार ने बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया है। फिलहाल राधा अपनी मां मुस्कान के साथ मेरठ जिला जेल में रह रही है।
जेल में मां के साथ रह रही है 10 महीने की राधा
मुस्कान रस्तोगी की छोटी बेटी राधा जन्म के बाद से ही अपनी मां के साथ जेल में रह रही है। जेल के नियमों के अनुसार, महिला कैदी के बच्चे छह वर्ष की उम्र तक मां के साथ जेल में रह सकते हैं। ऐसे में बच्ची के भविष्य और उसकी परवरिश को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मुंबई के इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी ने बच्ची को जेल से बाहर बेहतर माहौल में पालने की इच्छा जताई है। उन्होंने अदालत में अर्जी देकर राधा की जिम्मेदारी लेने और उसके पालन-पोषण का खर्च उठाने की बात कही है। हालांकि, बच्ची की कस्टडी को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
सौरभ के परिवार ने बच्ची को अपनाने से किया इनकार
इस मामले में सौरभ राजपूत के परिवार का रुख भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, सौरभ की मां रेनू देवी ने बच्ची को अपनाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने डीएनए टेस्ट कराने से भी मना किया है।
वहीं, मुस्कान की बड़ी बेटी पीहू पहले से ही अपने नाना-नानी के पास रह रही है। छोटी बेटी राधा की परवरिश और भविष्य को लेकर अब कानूनी प्रक्रिया पर नजरें टिकी हैं।
अदालत में दाखिल अर्जी पर टिकी नजरें
फैजान अंसारी की ओर से बच्ची की जिम्मेदारी लेने के लिए अदालत में अर्जी दाखिल किए जाने के बाद अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया अहम हो गई है। बच्ची की कस्टडी किसे सौंपी जाएगी और उसकी परवरिश की जिम्मेदारी कौन उठाएगा, इसका फैसला संबंधित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत होगा।
सिर्फ अर्जी दाखिल होने से बच्ची की कस्टडी मिलना तय नहीं होता। अदालत को बच्ची के हित, सुरक्षा और पालन-पोषण से जुड़े पहलुओं पर विचार करना होगा।
मुस्कान और साहिल की सजा के मामले में भी कानूनी प्रक्रिया जारी
नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भी कानूनी प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों को उच्च न्यायालय में अपील करने का अधिकार है।
ऐसे में राधा की परवरिश और कस्टडी से जुड़ा मामला भी कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगा। फिलहाल बच्ची अपनी मां के साथ जेल में है और अदालत के फैसले का इंतजार है।









