
लखनऊ। लंबे इंतजार के बाद मानसून ने पूरे देश में जोरदार वापसी कर ली है। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक जम्मू-कश्मीर से लेकर असम तक कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना है, जिसका सबसे ज्यादा असर उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों पर पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में तीन से चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पहाड़ों पर बादल फटने और भूस्खलन का खतरा
मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में बादल फटने, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का गंभीर खतरा जताया है। अगले तीन दिनों में उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है, जिससे फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की आशंका काफी बढ़ गई है। हालांकि, खेती के लिहाज से इस बारिश को काफी फायदेमंद माना जा रहा है, क्योंकि जून में पूरे देश में 40 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई थी।
क्यों बढ़ी बारिश की गतिविधियां?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय मानसूनी ट्रफ राजस्थान के गंगानगर से रोहतक, सुल्तानपुर होते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है, जबकि झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और बंगाल की खाड़ी के ऊपर कई चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। इन सभी मौसमी प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। यही वजह है कि पिछले 24 घंटों में देश के करीब 80 प्रतिशत भू-भाग पर बारिश दर्ज की गई और अगले एक-दो दिनों में पूरा देश इसके प्रभाव में आ सकता है।
मैदानी इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?
मानसून ट्रफ के थोड़ा दक्षिण की ओर खिसकने से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में भी अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। बुधवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है, जबकि गुरुवार तक इसका असर उत्तर भारत के राज्यों में बना रह सकता है। मुंबई समेत महाराष्ट्र के तटीय इलाकों, कर्नाटक के समुद्री तट और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अगले कई दिनों तक तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि, 23 जुलाई के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मानसून सक्रिय बना रहेगा।









