
ग्रेटर नोएडा: जेवर एयरपोर्ट के तीसरे चरण के विस्तारीकरण का काम कुछ गांवों में हो रहे भारी विरोध के बाद भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस चरण को पूरा करने के लिए तहसील प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 70 प्रतिशत किसानों की मुआवजे से जुड़ी फाइलें जिला प्रशासन को सौंप दी हैं. इन फाइलों के आधार पर अधिकांश किसानों को मुआवजे की राशि का भुगतान किया जा रहा है और साथ ही जमीन के अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है.
जल्द शुरू होगा परिसंपत्तियों का मूल्यांकन
भूमि अधिग्रहण की कागजी और वित्तीय प्रक्रिया जैसे ही पूरी होगी, वैसे ही प्रशासन की ओर से पहले से गठित की गईं 17 टीमें एक्टिव हो जाएंगी. ये टीमें अधिग्रहित की जाने वाली संपत्तियों के मूल्यांकन का काम तेजी से निपटाएंगी. गौरतलब है कि तीसरे चरण के इस महा-अभियान में जेवर क्षेत्र के छह गांवों का विस्थापन किया जाना प्रस्तावित है, जिससे लगभग 20 हजार किसानों के विस्थापित होने का अनुमान है.
14 गांवों की 1857.88 हेक्टेयर भूमि पर हो रहा है काम
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इस तीसरे चरण के विस्तार के दायरे में जेवर के कुल 14 गांव आ रहे हैं, जिनकी कुल 1857.88 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. इसके लिए प्रशासन ने फरवरी के आखिरी हफ्ते से लेकर मार्च के पहले हफ्ते के बीच सभी संबंधित गांवों का अवार्ड घोषित कर दिया था. अवार्ड घोषित होते ही किसानों के बैंक खातों में मुआवजे (प्रतिकर) की रकम भेजने के लिए जरूरी पत्रावलियां जुटाने का काम भी शुरू कर दिया गया था.
विरोध के बीच प्रशासन को मिली बड़ी कामयाबी
अधिग्रहण की यह मुहिम शुरुआत से ही आसान नहीं रही है. शुरुआती दौर से ही नीमका, थोरा और ख्वाजपुर जैसे गांवों में किसानों ने इस प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया. हालांकि, इस कड़े विरोध के बावजूद प्रशासन ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. अवार्ड घोषित होने के महज तीन महीने के भीतर प्रशासन ने कुल लक्ष्य की लगभग 70 फीसदी यानी करीब 1300 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जिसे प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.









