UP चुनाव पर मंडराया ओमीक्रॉन का साया! हाईकोर्ट ने PM मोदी और चुनाव आयुक्त से कर दिया यह अनुरोध?

उन्होंने कहा, "अगर संभव हो तो फरवरी में होने वाले चुनाव को एक या दो महीने के लिए टाल दिया जाना चाहिए क्योंकि अगर जीवन चलता रहा तो चुनावी रैलियां चलती रहेंगी।" कोर्ट ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से संभावित तीसरी लहर और इस खतरे को रोकने के लिए "कड़े कदम उठाएं" जाने चाहिए। कोर्ट ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त को रैलियों, बैठकों और चुनावों को "रोकने और स्थगित करने" पर विचार करना चाहिए।

ओमिक्रॉन वैरिएंट और संभावित तीसरी लहर के बढ़ते मामलों पर गुरुवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री मोदी और चुनाव आयुक्त से देश के कई राज्यों में होने वाले आगामी आगामी विधानसभा चुनावों को टालने पर विचार करने का आग्रह किया। दरअसल, गुरुवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय एक आपराधिक मामले की सुनवाई कर रहा था। इसी दौरान, उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने अपने आदेश के अंत में, ओमिक्रॉन वैरिएंट और संभावित तीसरी लहर के मामलों में वृद्धि की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त से चुनाव टालने पर विचार करने का आग्रह किया।

न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल से स्थिति से निपटने के लिए नियम बनाने का आग्रह करते हुए अपने आदेश में कहा, “आज फिर, यूपी में विधानसभा के चुनाव नजदीक हैं, जिसके लिए पार्टियां रैलियां कर रही हैं। बैठकों और जनसभाओं में लाखों की भीड़ इकट्ठा हो रही है। इन कार्यक्रमों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं है। अगर इसे समय रहते रोका नहीं गया तो परिणाम दूसरी लहर से भी ज्यादा भयावह होगा।

उन्होंने कहा, “अगर संभव हो तो फरवरी में होने वाले चुनाव को एक या दो महीने के लिए टाल दिया जाना चाहिए क्योंकि अगर जीवन चलता रहा तो चुनावी रैलियां चलती रहेंगी।” कोर्ट ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से संभावित तीसरी लहर और इस खतरे को रोकने के लिए “कड़े कदम उठाएं” जाने चाहिए। कोर्ट ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और चुनाव आयुक्त को रैलियों, बैठकों और चुनावों को “रोकने और स्थगित करने” पर विचार करना चाहिए।

प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते हुए, न्यायमूर्ति यादव ने कहा “हमारे माननीय प्रधान मंत्री ने इतनी बड़ी आबादी वाले देश में कोरोना से मुक्ति के लिए वृहद् टीकाकरण का एक अभियान शुरू किया है। यह काबिले तारीफ है और कोर्ट इसकी तारीफ करता है। हम माननीय प्रधान मंत्री जी से अनुरोध करते हैं कि वे कदम उठाएं और भयावह स्थिति को देखते हुए रैलियों और चुनावों को रोकने और स्थगित करने पर विचार करें क्योंकि जान है तो जहान है।”

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