
वर्ल्ड न्यूज़ : पाकिस्तान में लगातार बढ़ती महंगाई के संकट ने सरकारी कर्मचारियों की आर्थिक मुश्किलें बेहद बढ़ा दी हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए देश के फ़ेडरल बजट 2026-27 से पहले सरकार से बड़े राहत उपाय लागू करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज ग्रैंड अलायंस (AGEGA) पंजाब के नेताओं ने बढ़ती महंगाई के बीच पब्लिक सेक्टर (सार्वजनिक क्षेत्र) के कर्मचारियों की घटती क्रय शक्ति (खरीदने की ताकत) पर गहरी चिंता व्यक्त की है।
AGEGA पंजाब के चेयरमैन खालिद संघेरा और अलायंस के अन्य प्रतिनिधियों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि जरूरी वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों के कारण कर्मचारियों के लिए अब घर का खर्च चलाना भी दूभर हो गया है। सैलरी और महंगाई में कोई तालमेल न होने की वजह से कई परिवारों को बुनियादी जिंदगी जीने के लिए भी कड़ा संघर्ष करना पड़ रहा है। अलायंस ने राज्य के कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया है। नेताओं का कहना है कि पंजाब और अन्य प्रांतों में काम करने वाले प्रांतीय कर्मचारियों को फ़ेडरल बजट 2025-26 के तहत घोषित 30 प्रतिशत डिस्पैरिटी अलाउंस (असमानता भत्ता) का लाभ अभी तक नहीं मिला है, जिसे तुरंत दिया जाना चाहिए।
इसके अलावा, अलायंस ने पंजाब सरकार द्वारा रिटायरमेंट बेनिफिट्स (सेवानिवृत्ति लाभ) में किए गए बदलावों की तीखी आलोचना की है। उनका आरोप है कि साल 2023 में लीव एनकैशमेंट रेगुलेशन में किए गए संशोधनों ने रिटायरमेंट पर मिलने वाले वित्तीय लाभों को काफी कम कर दिया है। साथ ही, 2 दिसंबर 2024 को लागू किए गए पेंशन सुधारों पर आपत्ति जताते हुए दावा किया गया कि इन कटौतीकारी उपायों से मौजूदा और रिटायर्ड दोनों तरह के कर्मचारियों के हजारों परिवारों पर भारी आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ा है। इन चिंताओं को दूर करने के लिए अलायंस ने आगामी बजट में सैलरी और पेंशन में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने, पेंशन सुधारों को वापस लेने, डिस्पैरिटी अलाउंस में अतिरिक्त 15 प्रतिशत की वृद्धि करने तथा हाउस रेंट, मेडिकल और कन्वेयंस अलाउंस में अच्छी बढ़ोतरी करने की मांग केंद्र सरकार से की है।









