
केंद्र सरकार राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम-1971 में संशोधन की तैयारी कर रही है। संशोधित विधेयक में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को भी शामिल किया गया है। इसके तहत वंदे मातरम का अपमान करने या इसके गायन में बाधा डालने पर तीन साल तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को राज्यसभा में इस विधेयक को पेश करेंगे। विधेयक को लेकर विपक्षी दलों के रुख को देखते हुए सदन में चर्चा के दौरान बहस होने के आसार हैं।
वंदे मातरम को मिलेगा कानूनी संरक्षण
मोदी सरकार ने वंदे मातरम की 150वीं जयंती के मौके पर इसे लेकर कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। केंद्रीय कैबिनेट राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान जन गण मन की तरह राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को भी कानूनी संरक्षण देने के लिए अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे चुकी है।
इसके अलावा गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिशा-निर्देश जारी कर उन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत को भी शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जहां राष्ट्रगान होता है।
राजनीतिक विवाद से जुड़ा रहा मुद्दा
वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक मतभेद लंबे समय से रहे हैं। भाजपा इसे राष्ट्रीय अस्मिता से जोड़ती रही है, जबकि विपक्ष के कुछ दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आती रही है।
भाजपा का आरोप है कि तुष्टिकरण की राजनीति के कारण वंदे मातरम को उचित सम्मान नहीं मिला। वहीं, सरकार अब संशोधन विधेयक के जरिए राष्ट्रीय गीत को कानूनी सुरक्षा देने की तैयारी में है।
यह विधेयक सोमवार को राज्यसभा की कार्यसूची में शामिल है। राज्यसभा से पारित होने के बाद इसे लोकसभा में पेश किया जाएगा।









