PM आवास के बाहर राहुल-प्रियंका और कांग्रेस नेताओं का धरना… सुरक्षा व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल… पढ़े पूरी खबर…

दिल्ली में राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस का पीएम आवास के पास बड़ा प्रदर्शन। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह मनाने पहुंचे, केरल के सीएम भी धरने में शामिल।

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर बड़ा सियासी और प्रशासनिक ड्रामा देखने को मिला है। प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सीधे प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, इस घटना के बाद दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र पर बहुत बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रधानमंत्री आवास और लोक कल्याण मार्ग का इलाका देश के सबसे सुरक्षित जोन में गिना जाता है। ऐसे में कड़े सुरक्षा घेरे को भेदकर विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का प्रधानमंत्री आवास के नजदीक तक पहुंच जाना दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों (IB) की तैयारियों का एक बहुत बड़ा फेल्योर माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि पुलिस कमिश्नर के तौर पर हालिया बदलावों के बावजूद इस तरह की चूक होना सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता को दर्शाता है।

छात्रों के समर्थन में उतरी कांग्रेस

हाल ही में देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। इसी मुद्दे को भुनाने और छात्रों के पक्ष में खड़े होने के लिए कांग्रेस ने लुटियंस दिल्ली में कड़ा मोर्चा खोला। प्रधानमंत्री आवास के पास अचानक हुए इस घेराव और धरने के कारण वीवीआईपी जोन में घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सुरक्षा बलों और खुफिया विभाग को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि इतने बड़े पैमाने पर नेता और कार्यकर्ता तय रूट को पार करके पीएम आवास के इतने करीब पहुंच जाएंगे।

फिलहाल, मौके पर भारी पुलिस बल, अर्धसैनिक बलों और वरिष्ठ अधिकारियों का जमावड़ा लगा हुआ है। स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इस हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामे के बाद केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों के बीच आंतरिक बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस तरह की सुरक्षा चूक दोबारा न हो।

Related Articles

Back to top button