
कोल विधायक अनिल पाराशर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह हाल ही में हुई पुलिस मुठभेड़ का जिक्र करते हुए प्रदेश सरकार की अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सराहना करते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि लूटपाट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें अंजाम तक पहुंचा दिया। साथ ही उन्होंने इसे योगी-मोदी सरकार की कानून-व्यवस्था से जोड़कर देखा।
महिलाओं से लूट की घटनाओं का किया जिक्र
वीडियो में विधायक ने कहा कि महिलाओं से लूटपाट करने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। उनके अनुसार, कुछ ही दिनों के भीतर आरोपितों को ढेर कर दिया गया। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का परिणाम बताया।
24 मई की मुठभेड़ की जांच जारी
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब अतरौली क्षेत्र में 24 मई को हुई पुलिस मुठभेड़ की मजिस्ट्रियल जांच चल रही है। जिला प्रशासन के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई है। पुलिस मुठभेड़ में बुलंदशहर निवासी मोमीन और हापुड़ निवासी रजा मोहम्मद घायल हुए थे। दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौली ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। पुलिस का दावा है कि दोनों विभिन्न ग्रामीण इलाकों में महिलाओं से लूट की घटनाओं में शामिल थे।
विवाद बढ़ने पर विधायक ने दी सफाई
वीडियो को लेकर विवाद बढ़ने के बाद विधायक अनिल पाराशर ने अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी किसी जाति, धर्म या समुदाय को लेकर नहीं थी। विधायक के अनुसार, उनका बयान केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के संदर्भ में था। उन्होंने लोगों से अपील की कि उनके बयान का गलत अर्थ न निकाला जाए।









