जेल जाने के डर से अदालत से भागना दारोगा के नहीं आया काम, वारंट निरस्त करने की लगाई गुहार तो अदालत ने भेजा जेल

दरियाबाद थाने के प्रभारी को सुलतानपुर जिले की एक अदालत से फरार होने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया. जेल जाने के डर से दारोगा दुर्गा प्रसाद शुक्ला मंगलवार को अदालत से जेल जाने के डर से भाग गये थे.

बाराबंकी: दरियाबाद थाने के प्रभारी को सुलतानपुर जिले की एक अदालत से फरार होने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया. जेल जाने के डर से दारोगा दुर्गा प्रसाद शुक्ला मंगलवार को अदालत से जेल जाने के डर से भाग गये थे. लेकिन बुधवार को उनको गिरफ्तार कर लिया गया. दरअसल पूरा मामला दरियाबाद के थाना प्रभारी दुर्गा प्रसाद शुक्ला से जुड़ा हुआ है. दारोगा शुक्ला पूर्व में सुल्तानपुर के लम्भुआ कोतवाली में अपनी तैनात थे जिस दौरान क्षेत्र के एक गांव में हुए छेड़छाड़ और गैर इरादतन हत्या के एक मामले में विवेचक (जांच अधिकारी) बनाया गया था.

मामला स्कूल से लौटते समय मोटरसाइकिल से कथित तौर पर कुचलकर 14 वर्षीय बच्ची की मौत का है. इस मामले में लड़की की दादी ने अपनी प्राथमिकी में नाबालिग समेत तीन लोगों पर आपत्ति जताने से पहले उसके साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया है. शुक्ला मामले में जांच अधिकारी थे. आरोपी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं.

गौरतलब है कि सुल्तानपुर की विशेष लोक अदालत ने दुर्गा प्रसाद शुक्ला को जिरह के लिए पिछली दो जुलाई, 16 अगस्त और 25 अगस्त को तलब किया था। मगर वह अदालत में हाजिर नहीं हुए. जिसके बाद कोर्ट नें विवेचक के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था. दारोगा शुक्ला मंगलवार को लगभग साढ़े चार बजे अदालत पहुंचकर गैर जमानती वारंट निरस्त करने के लिए अर्जी दी, लेकिन विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) पवन कुमार शर्मा ने उनकी अर्जी खारिज कर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया.

इसी बीच शुक्ला दारोगा अदालत से फरार हो गए. शुक्ला ने वकीलों से राय- मशविरा लेने के बाद बुधवार की सुबह अदालत में फिर पेश हुए और न्यायाधीश से गैर जमानती वारंट निरस्त करने की गुहार लगायी, जिसे खारिज करते हुए कोर्ट मोहर्रिर उन्हें हिरासत में लेने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है. जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया.

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