
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान बुधवार को एक ओर जहां विपक्षी सांसद सदन के बाहर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई एक अहम मुलाकात ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP-शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटी सांसद सुप्रिया सुले ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके कार्यालय में मुलाकात की।
पीएम मोदी ने दरवाजे तक जाकर किया स्वागत
पीएमओ की ओर से जारी तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी खुद अपने कमरे के दरवाजे पर जाकर शरद पवार का स्वागत करते नजर आए। उन्होंने वरिष्ठ मराठा नेता का हाथ थामा और उन्हें अंदर ले गए। बैठक के दौरान दोनों नेता बेहद खुशनुमा माहौल में हंसते हुए दिखे और कुछ दस्तावेज भी साझा किए। इस मौके पर सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं।
परिसीमन विधेयक पर बन सकती है सहमति
यह मुलाकात इसलिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि केंद्र सरकार संसद के इसी सत्र में परिसीमन विधेयक लाने की तैयारी कर रही है, जिसे पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी। ऐसे में एनसीपी (शरद पवार गुट) के 8 सांसद सरकार की संसदीय रणनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। सुप्रिया सुले ने हाल ही में संकेत दिया था कि अगर सरकार सभी राज्यों में सीटों में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लिखित आश्वासन देती है, तो वे विधेयक का समर्थन कर सकते हैं।
एनडीए में विलय की अटकलें और भाजपा की शर्त
सियासी गलियारों में इस मुलाकात के बाद शरद पवार की पार्टी के एनडीए में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, भाजपा सूत्रों का कहना है कि शरद पवार गुट के साथ किसी भी औपचारिक गठबंधन के लिए यह शर्त है कि एनसीपी के दोनों गुट पहले आपसी मतभेद सुलझाकर एक हों। पार्टी शरद पवार या उनके करीबियों को व्यक्तिगत रूप से एनडीए में शामिल करने के बजाय पूरी एनसीपी को एकीकृत इकाई के रूप में गठबंधन में देखना चाहती है।









