
सिक्किम: सिक्किम के नामची जिले में NHPC टनल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। राहत और बचाव दल अभी भी टनल के अंदर फंसे करीब 15 अन्य मजदूरों की तलाश में जुटे हुए हैं।
नामची जिले की पुलिस अधीक्षक सोनम डोलमा ने बताया कि अब तक 12 शव बरामद किए जा चुके हैं। 13 से 15 लोगों के अभी भी टनल में फंसे होने की आशंका है। NDRF, SDRF, सिक्किम पुलिस, कोल माइनिंग एक्सपर्ट्स टीम और फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज बचाव अभियान चला रही हैं।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने तीस्ता स्टेज-VI हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट टनल हादसे के पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हादसे की पूरी जांच कराई जाएगी और कंपनी की लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री तमांग ने बताया कि हादसा मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ। घटना के समय टनल में करीब 27 मजदूर मौजूद थे, जिनमें से 2 मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 25 मजदूर अंदर फंस गए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने तुरंत कई बचाव एजेंसियों को मौके पर भेजा। पुलिस, NDRF और SDRF की मदद से अब तक 25 फंसे लोगों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया है। सरकार स्थिति की लगातार निगरानी कर रही है।
NHPC के अनुसार, 20 जुलाई को समरडुंग में निर्माणाधीन हेड रेस टनल (HRT) में हादसा हुआ। चट्टानों के बीच फंसी संदिग्ध मीथेन गैस के अचानक रिसाव से विस्फोट हुआ, जिसके बाद टनल में जहरीली गैस और मलबा भर गया।
NHPC ने बताया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई थी। जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), स्थानीय प्रशासन और विशेषज्ञ बचाव टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात कर स्थिति की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये तथा घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि की घोषणा की।









