
लखनऊ/नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी (SP) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन नई दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस लाठीचार्ज और इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में किया गया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के विधायक माता प्रसाद पांडेय ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र में विश्वास नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें लोगों को अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार है। सरकार को इसमें जरूरत से ज्यादा हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
सपा सांसद इकरा हसन ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है और सरकार जवाबदेही से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सरकार ने एक व्यक्ति की कुर्सी बचाने के लिए हालात खराब किए।
सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा कि सरकार को छात्रों और युवाओं की मांगों को सुनना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आवाजों को दबाया गया तो बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है।
सपा सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि जनता अपना जवाब दे चुकी है और सरकार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। वहीं सपा सांसद राजीव राय ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बच्चों और बेटियों पर लाठी चलाने का काम कर रही है।
इससे पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर प्रदर्शन किया था।
यह पूरा मामला सोमवार को चक्रवर्ती जन पार्टी (CJP) के संसद चलो प्रदर्शन के बाद शुरू हुआ था, जिस पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की थी।









