
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को आधिकारिक तौर पर ‘हज नीति-2027’ (Haj Policy-2027) का ऐलान कर दिया है। इसके साथ ही अगले वर्ष हज यात्रा पर जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं से आवेदन भी आमंत्रित किए गए हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय (Ministry of Minorities Affairs) ने स्पष्ट किया है कि इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य भारतीय हज यात्रियों को पहले से अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक, आधुनिक और सम्मानजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।
‘हज सुविधा ऐप’ से होंगे आवेदन
अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू ने हज नीति-2027 को जारी करते हुए बताया कि ‘हज कमेटी ऑफ इंडिया’ (Haj Committee of India) ने सोमवार से ही आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डिजिटल इंडिया की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए इस बार आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और सुलभ बनाया गया है। इच्छुक श्रद्धालु निम्नलिखित माध्यमों से अपना आवेदन दर्ज कर सकते हैं:
- आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल: हज कमेटी की वेबसाइट पर जाकर।
- हज सुविधा मोबाइल ऐप: इस विशेष ऐप के माध्यम से घर बैठे बेहद सरलता से आवेदन किया जा सकता है।
सोफा-कम-बेड और 20 दिन का छोटा पैकेज रहेगा जारी
मंत्रालय के अनुसार, इस बार की नीति में हज-2026 के दौरान शुरू की गई उन बेहतरीन सुविधाओं को जारी रखा गया है, जिन्हें यात्रियों ने काफी पसंद किया था। इसके तहत:
- मीना में सोफा-कम-बेड: हज यात्रा के दौरान मीना (Mina) में यात्रियों के आराम के लिए सोफा-कम-बेड की आधुनिक व्यवस्था रहेगी।
- मक्का में बेहतर होटल: मक्का (Makkah) में ठहरने के लिए विश्वस्तरीय और सुविधायुक्त होटलों का चयन किया जाएगा।
- छोटा हज पैकेज: कामकाजी और विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए 20 दिन का ‘शॉर्ट हज पैकेज’ (Short Haj Package) इस बार भी उपलब्ध रहेगा।
70:30 के अनुपात में होगा सीटों का बंटवारा
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि हज कमेटी ऑफ इंडिया और प्राइवेट टूर ऑपरेटर्स (निजी क्षेत्र) के बीच कोटे का बंटवारा पहले की तरह 70:30 के अनुपात में ही रहेगा। इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत सीटों का आवंटन कुछ इस प्रकार हो सकता है:
- हज कमेटी ऑफ इंडिया: 1,22,518 सीटें
- निजी क्षेत्र (Private Sector): 52,507 सीटें
- कुल कोटा: पिछले वर्ष भारत का कुल हज कोटा 1,75,025 था।
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सऊदी अरब सरकार से बातचीत कर भारतीय हजयात्रियों के लिए इस कोटे को और अधिक बढ़ाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। यह पूरी रूपरेखा हाल ही में संपन्न हुई उच्च स्तरीय हज समीक्षा बैठक के बाद तय की गई है।









