
समाजवादी पार्टी (SP) के नेता एसटी हसन ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार प्रस्तावित परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) के जरिए विपक्ष के वोटों को बांटने की कोशिश कर रही है, ताकि सत्ता में बनी रह सके। उन्होंने कहा कि सरकार अपने राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए हर संभव तरीका अपना रही है।
परिसीमन प्रक्रिया को बताया राजनीतिक कदम
ANI से बातचीत में एसटी हसन ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका फायदा सत्ताधारी दल को पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परिसीमन प्रक्रिया के जरिए विपक्षी वोटों को विभाजित करने की कोशिश कर रही है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT रिपोर्ट पर उठाए सवाल
एसटी हसन ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट दाखिल करने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी है तो इसे जमा करने में देरी क्यों हो रही है।
उन्होंने कहा कि अगर SIT ने रिपोर्ट पहले ही तैयार कर ली है तो उसे दाखिल किया जाना चाहिए। उन्होंने रिपोर्ट में किसी तरह की छेड़छाड़ की आशंका भी जताई।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में जांच जारी
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही SIT ने शुरुआती जांच में कई संदिग्ध घटनाओं का जिक्र किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच CCTV फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आईं। जांच में कुछ कर्मचारियों के पास नकदी छिपाने के मामले भी सामने आए।
रिपोर्ट में बताया गया कि एंट्री और एग्जिट पर तलाशी की व्यवस्था नहीं थी, निजी सामानों पर नियंत्रण की कमी थी और कई दान पेटियों की नकदी को एक साथ गिनना भी अनियमितताओं का कारण बना।
जांच के दौरान कुछ कर्मचारियों से करीब 78.94 लाख रुपये बरामद किए गए थे। इसके अलावा 4 जून 2026 को काउंटिंग रूम से जुड़े बाथरूम से 2.25 लाख रुपये बरामद होने की बात भी सामने आई है। मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।









