
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद अब इसकी एंट्री और एग्जिट व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 63 किलोमीटर लंबे छह लेन एक्सप्रेसवे पर उन्नाव के आजाद नगर टोल प्लाजा पर वाहनों को सिर्फ दो लेन से गुजरना पड़ रहा है, जिससे सुबह और शाम के समय लंबी कतारें लग रही हैं।
एनएचएआई ने इस एक्सप्रेसवे को रोजाना करीब 35 हजार वाहनों के ट्रैफिक के हिसाब से तैयार किया है। हालांकि, शुरुआत के सात दिनों में करीब पांच हजार वाहन ही इस मार्ग से गुजरे, इसके बावजूद टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति बन रही है। छह लेन से आने वाला ट्रैफिक दो लेन के टोल प्वाइंट पर पहुंचकर धीमा हो जाता है।
टोल व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
एक्सप्रेसवे पर लखनऊ के दारोगा खेड़ा में बैरियरलेस टोल व्यवस्था लागू की गई है, जहां वाहन बिना रुके गुजर रहे हैं। वहीं, उन्नाव के आजाद नगर टोल प्लाजा पर अभी भी बैरियर व्यवस्था जारी है। फास्टैग स्कैनिंग और बैरियर खुलने में लगने वाला समय वाहनों की कतार बढ़ा रहा है।
वाहन चालकों को एक्सप्रेसवे पर पहुंचने से पहले ही जाम का सामना करना पड़ रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि जब अभी ट्रैफिक क्षमता का छोटा हिस्सा ही इस्तेमाल हो रहा है, तो भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ने पर स्थिति कैसी होगी।
भविष्य में खत्म होगी टोल बैरियर व्यवस्था
एनएचएआई लखनऊ इकाई के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा ने बताया कि आजाद चौराहा टोल की मौजूदा व्यवस्था स्थायी नहीं है। कानपुर नगर, कानपुर देहात और उन्नाव को जोड़ने वाली 93 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड के एक्सप्रेसवे से जुड़ने के बाद यहां इंटरचेंज बनाया जाएगा। इसके बाद अलग टोल की जरूरत नहीं होगी और वर्ष 2028 तक नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है।









