UP में आकांक्षात्मक विकास खण्डों की बदलेगी तस्वीर, 7 नए इंडीकेटर्स को मिली मंजूरी

लखनऊ: मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा आकांक्षात्मक विकास खण्डों में किए जा रहे कार्यों और प्रमुख इंडीकेटर्स की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन आकांक्षात्मक विकास खण्डों में विभागीय इंडीकेटर्स की प्रगति राज्य औसत से कम है, वहां सुधार के लिए प्रभावी और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को ऐसे इंडीकेटर्स को राज्य औसत से ऊपर लाने का लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बेहतर समन्वय और निगरानी के लिए विभागों में नोडल अधिकारी नामित करने को कहा। साथ ही योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

त्रैमासिक समीक्षा के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि इंडीकेटर्स की प्रगति की जनपद और विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों के साथ हर तीन महीने में समीक्षा की जाए। समीक्षा बैठकों की जानकारी और कार्यवृत्त नियोजन विभाग के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए, जिससे योजनाओं की नियमित निगरानी हो सके।

उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खण्डों के समग्र विकास के लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल, गुणवत्तापूर्ण डाटा और नियमित अनुश्रवण जरूरी है। उन्होंने डाटा प्रमाणीकरण और पर्यवेक्षण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।

डाटा अपडेट और प्रशिक्षण पर जोर

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि लाइन लिस्टिंग के आधार पर प्रमाणिक और अद्यतन डाटा उपलब्ध कराया जाए। जिन इंडीकेटर्स का डाटा API के माध्यम से उपलब्ध कराया जाना बाकी है, उन्हें एक महीने के भीतर नियोजन विभाग के पोर्टल से जोड़ा जाए। उन्होंने विकासखण्ड स्तर पर फ्रंट लाइन वर्कर्स के लिए नियमित प्रशिक्षण और अभिमुखीकरण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन और डाटा संकलन की गुणवत्ता बेहतर हो सके।

7 नए इंडीकेटर्स को मिली मंजूरी

बैठक में आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम में 7 नए इंडीकेटर्स जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके बाद कार्यक्रम में इंडीकेटर्स की कुल संख्या बढ़कर 51 हो गई है।

नए इंडीकेटर्स में गंभीर एनीमिया से ग्रसित उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं के उपचार का प्रतिशत, 5 वर्ष से कम आयु के अवरुद्ध वृद्धि वाले बच्चों का प्रतिशत, फर्नीचर सुविधा वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों का प्रतिशत, विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए शौचालय सुविधा वाले विद्यालयों का प्रतिशत, स्मार्ट क्लास सुविधा वाले विद्यालयों का प्रतिशत, क्रियाशील कंप्यूटर सुविधा वाले विद्यालयों का प्रतिशत और हर घर जल प्रमाणित ग्रामों का प्रतिशत शामिल हैं।बैठक में संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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