“वोटों का बंटवारा न हो…”, चंद्रशेखर आजाद ने दिए इंडिया अलायंस में शामिल होने के संकेत

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने इंडिया अलायंस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है। मुजफ्फरनगर में उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी रास्ते खुले हुए हैं और उनकी कोशिश है कि चुनाव में विपक्षी वोटों का बंटवारा न हो। वहीं, समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर उन्होंने ऐसा बयान दिया, जिसने प्रदेश की सियासत में चर्चा तेज कर दी है।

इंडिया अलायंस के साथ चुनाव लड़ने के सभी रास्ते खुले

चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि लोकतंत्र में सभी विकल्प खुले हुए हैं। वह इंडिया अलायंस के नेताओं से भी मिलकर चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं तो इंडिया एलायंस के लोगों को भी कह रहा हूं कि मिल के लड़ते हैं। अगर कोई नहीं लड़ेगा तब देखेंगे अभी तो अलायंस के सारे रास्ते खुले हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले वह पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत अलग-अलग क्षेत्रों और वर्गों के बीच राजनीतिक माहौल को समझेंगे। इसके लिए उन्होंने लोगों से एक महीने का समय मांगा है।

आजाद ने कहा, “एक महीने का जो मैंने समय आप लोगों से कहा है। वो एक महीने के अंदर हम आपको बताएंगे माहौल क्या है।”

उन्होंने दलितों, पिछड़ों, मुसलमानों, किसानों और मजदूरों को एकजुट करने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि इन वर्गों का गठबंधन राजनीतिक ताकत बन सकता है।

वोटों का बंटवारा रोकने पर चंद्रशेखर आजाद का जोर

आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उनकी कोशिश है कि विपक्षी वोटों का बंटवारा न हो। उन्होंने कहा, “मिलके लड़ेंगे और वोट का बंटवारा ना हो इस बात का हम लोग ध्यान रख रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि मतदाता किसी राजनीतिक दल की जेब में नहीं है। सभी दलों को जनता के बीच मेहनत करके अपना समर्थन हासिल करना पड़ता है।

मीरापुर चुनाव का जिक्र कर क्या बोले चंद्रशेखर आजाद?

चंद्रशेखर आजाद ने मीरापुर विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए पिछले उपचुनाव में वोटों के बंटवारे का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि अगर वोटों का बंटवारा नहीं होता तो उनकी पार्टी को और अधिक समर्थन मिल सकता था।

उन्होंने कहा, “मीरापुर बहुत क्रांतिकारी धरा है। आप उपचुनाव में जानते हैं कि वोट का बंटवारा हुआ था। इस बार वोट का बंटवारा नहीं हुआ तो आजाद समाज पार्टी बहुत अच्छे वोटों से जीत गई।”

आजाद ने दावा किया कि उपचुनाव में उनकी पार्टी को 24 हजार वोट मिले थे। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने पर यह आंकड़ा 50 हजार से अधिक हो सकता है। साथ ही उन्होंने रविंद्र भाटी को एक लाख से ज्यादा वोट मिलने का दावा भी किया।

गन्ने का रेट 600 रुपये करने की मांग

किसानों के मुद्दे पर चंद्रशेखर आजाद ने सरकार से गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग की। उन्होंने पिछले साढ़े नौ साल में गन्ने के मूल्य में हुई बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को इसका जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा, “जब चीनी का रेट ₹60 हो सकता है तो गन्ने का रेट ₹600 क्यों नहीं हो सकता? ऐसा क्या कारण है? कौन रोक रहा है?”

आजाद ने किसानों को बेहतर मूल्य देने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि अच्छे स्कूल बनाने, मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने, अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं देने और युवाओं को रोजगार देने में क्या परेशानी है।

बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग

चंद्रशेखर आजाद ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी मांग रखी। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने पर जोर देते हुए ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की।

उन्होंने कहा, “फ्री एंड फेयर इलेक्शन होने चाहिए और मेरी मांग है कि चुनाव बैलेट पेपर से हो, ईवीएम से ना हो।”

उन्होंने आगे कहा कि जनता का हित और उसकी भावनाएं महत्वपूर्ण हैं। अगर जनता बैलेट पेपर से चुनाव चाहती है तो चुनाव उसी तरीके से होना चाहिए।

पंचायत चुनाव में देरी पर सरकार को घेरा

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर भी चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव कराने से बच रही है और इसी वजह से पंचायत चुनाव में देरी हो रही है।

आजाद ने कहा, “सरकार इलेक्शन से इतनी डरी हुई है कि पंचायत चुनाव पीछे ले गयी। अब तो हाई कोर्ट ने कह दिया 3 महीने में कराओ।”

उन्होंने दावा किया कि सरकार सुप्रीम कोर्ट जाकर चुनाव पर रोक लगाने की कोशिश कर सकती है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है।

एमएलसी चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि इससे विपक्ष की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकेगा। उनके मुताबिक, इस बार विपक्ष के अकेले चुनाव लड़ने से उसकी राजनीतिक स्थिति स्पष्ट होगी।

सपा के साथ गठबंधन पर चंद्रशेखर आजाद का बड़ा बयान

समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उन्हें लगता है कि सपा मिलकर भाजपा को हराने के बजाय अकेले चुनाव लड़ना पसंद करेगी।

उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा लगता है कि वो हारना पसंद करेंगे, लेकिन मिल कर भाजपा को हराना पसंद नहीं करेंगे।”

इसके बाद उन्होंने कहा, “क्या कारण है? इसका जवाब तो आप उनसे पूछना।”

चंद्रशेखर आजाद के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के बीच संभावित गठबंधन और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल उन्होंने इंडिया अलायंस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को खुला रखा है और एक महीने के भीतर राजनीतिक माहौल पर अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही है।

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