
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण संघर्ष के बीच एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रविवार को दावा किया कि उनकी सेना ने रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने के लिए उसके अंदरूनी इलाकों में स्थित रणनीतिक ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले किए हैं। इन हमलों में रूस की सारातोव ऑयल रिफाइनरी और एंगेल्स मिलिट्री एयरबेस को मुख्य रूप से निशाना बनाया गया है।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि फ्रंट लाइन से 600 किलोमीटर से अधिक दूर स्थित सारातोव की इन दो बड़ी रणनीतिक सुविधाओं पर हमले किए गए। इसके अलावा कलुगा क्षेत्र में ल्यूडिनोव्स्काया ऑयल डिपो और ब्रांस्क क्षेत्र में ड्रोन स्टोरेज और लॉन्चिंग साइट को भी सटीक हमलों से ध्वस्त किया गया। ज़ेलेंस्की ने कहा कि कीव अब “युद्ध को वहीं वापस ले जा रहा है जहाँ से वह शुरू हुआ था।”
रूस के भारी हमलों के बाद पैट्रियट मिसाइलों की मांग
एक तरफ जहां यूक्रेन ने रूस के भीतर डीप स्ट्राइक की है, वहीं दूसरी तरफ पिछले हफ्ते रूस ने भी यूक्रेन के 16 क्षेत्रों पर लगभग 1,900 ड्रोन और 144 मिसाइलों से भीषण हमले किए हैं। अकेले कीव और आसपास के इलाकों में हुए हमलों में नौ लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ज़ेलेंस्की ने पश्चिमी सहयोगियों और अमेरिका से तुरंत पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर भेजने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने कहा कि एंटी-बैलिस्टिक मिसाइलें स्टॉक में पड़े रहने के बजाय यूक्रेनी नागरिकों की जान बचानी चाहिए।
कड़े प्रतिबंधों और ऑयल सेक्टर पर नकेल कसने की अपील
अपने संबोधन में ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि रूस के डिफेंस-इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स और ड्रोन-मिसाइल के पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों पर कड़े वैश्विक प्रतिबंध लगाए जाएं। उन्होंने G7 देशों से अपील की है कि वे रूस की ऑयल रिफाइनिंग कैपेसिटी और फ्यूल सेक्टर को मिलने वाले वित्तीय और लॉजिस्टिक चैनलों को पूरी तरह बंद करें ताकि मॉस्को की युद्ध लड़ने की क्षमता को तोड़ा जा सके।









