UP: रायबरेली के जिला अस्पताल में 2-2 सीएमएस, तबादला होकर आए CMS ने शासन से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का जिला अस्पताल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है हाल ही में तत्कालीन सीएमएस रही डॉ नीता साहू के कारनामे जहां चर्चा का विषय बने रहे वही अब उनका एक और कारनामा इन दिनों चर्चा में है , जिला अस्पताल से स्थानांतरण के बाद भी तत्कालीन सीएमएस डॉ नीता साहू ने अभी तक सरकारी आवास न तो खाली किया बल्कि उसमे लगी नेम प्लेट को भी अपने रसूख के चलते बदलने नही दिया

रिपोर्ट- रोहित मिश्र

रायबरेली. उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले का जिला अस्पताल लगातार सुर्खियों में बना हुआ है हाल ही में तत्कालीन सीएमएस रही डॉ नीता साहू के कारनामे जहां चर्चा का विषय बने रहे वही अब उनका एक और कारनामा इन दिनों चर्चा में है , जिला अस्पताल से स्थानांतरण के बाद भी तत्कालीन सीएमएस डॉ नीता साहू ने अभी तक सरकारी आवास न तो खाली किया बल्कि उसमे लगी नेम प्लेट को भी अपने रसूख के चलते बदलने नही दिया वही नवांगन्तुक सीएमएस डॉ महेंद्र मौर्य होटल में किराए के कमरे में रहने को मजबूर है यही नही अब डॉ महेंद्र मौर्य ने शासन से सरकारी आवास को खाली करवाये जाने की गुहार लगाई है।

दरअसल शासन ने तत्कालीन सीएमएस डॉ नीता साहू के कारनामो के चलते उनका तबादला 30 जून को प्रयागराज में वरिष्ठ परामर्शदाता के पद पर किया था और 2 जुलाई को नवांगन्तुक सीएमएस डॉ महेंद्र मौर्य ने अपना पद भार भी ग्रहण कर लिया लेकिन तब से अब तक तत्कालीन सीएमएस ने अपने रसूख के चलते अपना सरकारी आवास न तो खाली किया बल्कि उसमे लगी नेम प्लेट को भी बदलने नही दिया जिसको लेकर सीएमएस डॉ महेंद्र मौर्य ने शासन को पत्र लिखकर आवास को खाली करवाये जाने की मांग की है यही नही उन्होंने यहां तक कहा कि वह लगातार सरकारी आवास को खाली करवाने के लिए कई बार डॉ नीता साहू को काल भी किया पर उन्होंने आवास खाली करने से मना कर दिया जिसके चलते वह अब होटल में कमरा किराए पर लेकर रहने को मजबूर है।

सीएमएस के रसूख के आगे जिला प्रशासन भी नतमस्तक हो चुका है आप भी देखिए किस तरह सरकारी आवास में तत्कालीन सीएमएस डॉ नीता साहू का न सिर्फ नेम प्लेट अभी तक लगा है बल्कि वह खुद अभी भी इसी आवास में रह कर कर्मचारियों पर अपना रसूख दिखा रही है, अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन इस खबर को संज्ञान में लेकर क्या कार्यवाही करता है यह आने वाला समय ही बताएगा या फिर इसी तरह नवांगन्तुक सीएमएस किराए के होटल में कमरा लेकर रहने को मजबूर रहेंगे।

Related Articles

Back to top button