
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त यानी एडेड माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन संस्थानों में नई शिक्षक भर्तियां पहली बार उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग कराएगा। इससे पहले तक माध्यमिक स्कूलों के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड और एडेड कॉलेजों के लिए उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग भर्ती परीक्षाएं आयोजित करता था।
क्यों किया गया यह बदलाव?
पुरानी व्यवस्था के तहत दोनों भर्ती संस्थान अंतिम चयन परिणाम के साथ पदों के सापेक्ष 10 से 25 प्रतिशत तक का अवशेष पैनल यानी प्रतीक्षा सूची हर भर्ती में जारी करते थे। मूल चयन सूची के जो अभ्यर्थी कार्यभार ग्रहण नहीं करते थे, उन रिक्त स्थानों पर बाद में प्रतीक्षा सूची से नियुक्तियां दी जाती थीं, जिससे पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में काफी समय लग जाता था। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग नई भर्तियों में कोई अवशेष पैनल जारी नहीं करेगा और पूरी भर्ती प्रक्रिया को एक वर्ष के भीतर पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि नियुक्तियों में अनावश्यक विलंब न हो।
कितने पदों पर होगी भर्ती?
आयोग को एडेड महाविद्यालयों के लिए प्राचार्य के 111 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों की रिक्तियों का अधियाचन पहले ही मिल चुका है। इसी तरह एडेड माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्य के 1475 और प्रधानाध्यापक के 1172 पदों पर भर्ती का अधियाचन भी पोर्टल पर प्राप्त हो चुका है। इसके अलावा प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक यानी टीजीटी और प्रवक्ता यानी पीजीटी के करीब 20,000 पदों का अधियाचन जनपदों से मंगाकर परीक्षण के बाद अनुमति के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेजा जा चुका है और जल्द ही यह ऑनलाइन आयोग को प्रेषित कर दिया जाएगा।
यूपीपीएससी की तर्ज पर होगी व्यवस्था
नई नियमावली के तहत अब मूल चयन सूची के चयनित अभ्यर्थियों द्वारा किन्हीं कारणों से कार्यभार ग्रहण न करने पर रिक्त हुए पदों को अगली भर्ती के लिए आगे बढ़ा दिया जाएगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग यानी यूपीपीएससी भी इसी तरह की व्यवस्था का पालन करता है।









