PFI के सक्रिय सदस्य और 50-50 हजार के 2 इनामी ATS के हत्थे चढ़े, UAPA के तहत मामला दर्ज…

अब्दुला सऊद अंसारी पुत्र अब्दुल कलाम की लोहता, वाराणसी से गिरफ्तारी करते हुए ATS ने अभियुक्त के खिलाफ धारा 53-ए, 53-बी IPC और 7, 8, 3-4 (ए)(बी),3(2) UAPA के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

उत्तर प्रदेश ATS ने रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बड़े पैमाने पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. PFI कनेक्शन की जांच को लेकर यूपी में ATS की टीम बेहद सक्रिय है. इसी कड़ी में रविवार को पूरे उत्तर प्रदेश में एटीएस की 30 टीमों ने बड़ी छापेमारी की. इस छापेमारी में ATS ने 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया.

व्यापक पैमाने पर की गई छापेमारी के दौरान UP ATS ने PFI से जुड़े 50-50 हजार के दो पुरस्कार घोषित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में यूपी एटीएस द्वारा पीएफआई संगठन से जुड़े सदस्यों के संबंध में लगातार कार्यवाही करायी जा रही है. इसी क्रम में यह अहम गिरफ्तारी ATS द्वारा की गई है.

अब्दुला सऊद अंसारी पुत्र अब्दुल कलाम की लोहता, वाराणसी से गिरफ्तारी करते हुए ATS ने अभियुक्त के खिलाफ धारा 53-ए, 53-बी IPC और 7, 8, 3-4 (ए)(बी),3(2) UAPA के तहत मुकदमा दर्ज किया है. उक्त पंजीकृत अभियोग में अभियुक्त परवेज अहमद एवं रईस अहमद वांछित/फरार चल रहे थे, जिन पर रू. 50-50 हजार का पुरस्कार घोषित था.

दोनों अभियुक्त वाराणसी में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई की कट्टरपंथी विचारधारा को तेजी से फैलाने का कार्य कर रहे थे. अन्य अभियुक्तों के साथ-साथ उपरोक्त दोनों के विरुद्ध भी पूर्व में वाराणसी के थाना चेतगंज में मु.अ.सं. 296/49 धारा 447,48,49,88,332,353,34, भा.द.वि. एवं 7 सीएलए एक्ट व थाना आदमपुर में मु.अ.सं. 42/22 धारा 424- ए,53-ए,295-ए,409,420-बी भादवि एवं 3 अनलाफुल एक्टिविटी (प्रिवेंशन) एक्ट में भी अभियोग पंजीकृत थे, जिसमें जेल भी जा चुके हैं.

सीएए/एनआरसी के समय से ही अभियुक्त रईस अहमद, असम एवं अन्य राज्यों के पीएफआई लीडर/सक्रिय सदस्यों के संपर्क में रहकर पीएफआई द्वारा संचालित देश-विरोधी गतिविधियों में सक्रिय था. दोनों अभियुक्त देश के विभिन्‍न राज्यों, जैसे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, केरल आदि में आयोजित होने वाली गोष्ठियों एवं कार्यशालाओं में सम्मिलित होकर प्रशिक्षण प्राप्त करते थे, तदोपरान्त अपने कार्यक्षेत्र में प्रतिबंधित संगठन के कैडर विस्तार के लिए युवाओं को प्रेरित कर संगठन में शामिल करते हुए, पीएफआई की कट्टरपंथी विचारधारा का विस्तार करते थे.

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