
मिर्जापुर, 17 अप्रैल: डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन मिर्जापुर जनपद के सरकारी विद्यालयों में अभी भी छात्रों के लिए डिजिटल अध्ययन सामग्री की कमी थी। इस कमी को पूरा करने और तकनीकी नवाचार के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने के उद्देश्य से, अदाणी फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।

इस पहल के तहत, अदाणी फाउंडेशन ने मिर्जापुर के 33 सरकारी विद्यालयों में 75 इंच के इंटरएक्टिव पैनल स्थापित किए हैं, जिससे कक्षाओं में डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही, GCAP संस्था के सहयोग से 30 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में “स्कॉलर प्लैनेट” ऐप के जरिए 5000 से अधिक छात्रों को मुफ्त डिजिटल अध्ययन सामग्री प्रदान की जा रही है।

डिजिटल शिक्षा का नया कदम:
“स्कॉलर प्लैनेट” ऐप छात्रों को पाठ्यक्रम आधारित सामग्री, ऑनलाइन मॉक टेस्ट, शिक्षकों द्वारा दिए गए असाइनमेंट और अतिरिक्त अध्ययन संसाधनों तक आसान पहुंच प्रदान करता है। यह ऐप छात्रों के लिए उपयोगी सामग्री के साथ-साथ शिक्षकों को अपनी सामग्री अपलोड करने का अवसर भी प्रदान करता है, जिससे छात्रों को अधिक समृद्ध और अद्यतन शिक्षण अनुभव मिलता है।
इस ऐप की एक खास बात यह है कि यह जिला प्रशासन, विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत रीयल-टाइम डैशबोर्ड उपलब्ध कराता है, जिससे छात्रों की प्रगति की नियमित निगरानी की जा सकती है। इसके अलावा, शिक्षकों की क्षमता निर्माण हेतु विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं, जिससे वे तकनीकी रूप से सक्षम हो सकें।

चैंपियनशिप अवार्ड्स और प्रतियोगी परीक्षा तैयारी:
इस पहल के तहत, छात्रों और शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए “चैंपियनशिप अवार्ड्स” भी दिए जा रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म सिर्फ सामान्य पाठ्यक्रम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स, आईटीआई मॉक टेस्ट और अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध है।
अदाणी फाउंडेशन का यह कदम न केवल शिक्षा में सुधार लाने का प्रयास है, बल्कि यह उनके “अच्छाई के साथ विकास” के सिद्धांत के अनुरूप है, जो सामुदायिक विकास और तकनीक के माध्यम से बेहतर परिणामों को हासिल करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।









