फार्मर रजिस्ट्री में बड़ी गड़बड़ी : प्रयागराज में हजारों किसानों की आधी जमीन गायब,मुश्किल में अन्नदाता,जानें पोर्टल पर खुद गाटा जोड़ने का आसान तरीका

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के लिए बनाई जा रही ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) में एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रयागराज जिले में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कर्मचारियों की जल्दबाजी या तकनीकी चूक के कारण हजारों किसानों की जमीन के गाटे (खसरा नंबर) फार्मर रजिस्ट्री में दर्ज होने से छूट गए हैं।

कई किसान तो ऐसे हैं जिनकी आधी से ज्यादा जमीन इस सरकारी रिकॉर्ड से पूरी तरह गायब है, जिसकी वजह से उनके सामने खाद-बीज खरीदने और अपनी फसल बेचने का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

5.70 लाख रजिस्ट्रियां बनीं, लेकिन 10 हजार किसान परेशान
प्रयागराज जिले में कुल 7.24 लाख किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। कृषि, राजस्व, सहकारिता विभाग और जन सेवा केंद्रों (CSC) को अभियान में झोंकने के बाद अब तक 5.70 लाख किसानों की रजिस्ट्री तैयार भी कर ली गई है। रफ्तार बढ़ाने के चक्कर में गुणवत्ता की अनदेखी हुई और लगभग 10,000 से अधिक किसानों का डेटा गड़बड़ा गया।

क्या हो रही है दिक्कत?
इसे ऐसे समझिए कि यदि किसी किसान के पास कुल 10 गाटे (जमीन के टुकड़े) हैं, तो रजिस्ट्री में केवल 4 या 5 गाटे ही दर्ज किए गए हैं। जब यह किसान सरकारी केंद्रों पर खाद लेने, सब्सिडी का लाभ उठाने या धान-गेहूं की सरकारी खरीद के लिए उपज बेचने जाता है, तो रिकॉर्ड में कम जमीन दिखने के कारण उसे पूरी सुविधा नहीं मिल पाती।

कृषि विभाग ने दी ऑनलाइन गाटा जोड़ने की सुविधा
मामले की गंभीरता को देखते हुए कृषि विभाग ने साफ किया है कि किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। कृषि उप निदेशक पवन कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि जिन किसानों के गाटे छूट गए हैं, वे विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर खुद ही ऑनलाइन माध्यम से अपनी बची हुई जमीन को जोड़ सकते हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी के कारण अभी भी बहुत से किसान इस सुविधा से अनजान हैं और सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

UPFR पोर्टल पर छूटे हुए गाटे खुद कैसे जोड़ें?
कृषि विभाग की उत्तर प्रदेश फार्मर रजिस्ट्री (UPFR) पोर्टल के माध्यम से छूटे हुए गाटों को जोड़ना बेहद आसान है। इसके लिए आप नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं:

1.पोर्टल पर जाएं और वेरिफिकेशन करें:स्टेप 1.उत्तर प्रदेश फार्मर रजिस्ट्री (UPFR) के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाएं। प्रक्रिया शुरू करने से पहले पहचान की पुष्टि के लिए किसान के पहचान पत्र के माध्यम से वेरिफिकेशन (प्रमाणीकरण) की प्रक्रिया को पूरा करें।

2.लॉगिन आईडी और पासवर्ड बनाएं:स्टेप 2.सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन होने के बाद, किसान का पंजीकृत (Registered) मोबाइल नंबर ही उनकी यूजर आईडी (ID) बन जाएगा। इसके बाद सुरक्षा के लिए आपको अपनी पसंद का एक नया पासवर्ड खुद सेट (क्रिएट) करना होगा।

3.आईडी लॉगिन कर विवरण खोलें:स्टेप 3.अब अपने मोबाइल नंबर और बनाए गए पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर अपनी पर्सनल प्रोफाइल या आईडी को लॉगिन करें। लॉगिन होते ही आपकी मौजूदा फार्मर रजिस्ट्री का पूरा लेखा-जोखा स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा।

4.छूटे हुए गाटे दर्ज कर अपडेट करें:स्टेप 4.पोर्टल के भीतर दिए गए ‘एड गाटा’ (Add Gata) या संबंधित विकल्प पर क्लिक करें। अपने राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) को देखकर छूटे हुए गाटा नंबर दर्ज करें और सबमिट कर दें। सत्यापन के बाद आपका रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा।

आपकी आईडी में सुरक्षित रहेगा पूरा लेखा-जोखा
इस पोर्टल पर बनी आईडी पूरी तरह सुरक्षित है और इसे केवल संबंधित किसान ही देख सकेंगे। इस डिजिटल प्रोफाइल में किसान का पूरा विवरण दर्ज रहेगा, जैसे:

किसान के पास कुल कितनी कृषि योग्य भूमि है।

उसे सरकारी योजनाओं के तहत कब-कब और कितनी खाद या बीज का लाभ मिला।

पीएम किसान सम्मान निधि या अन्य वित्तीय सब्सिडी की स्थिति क्या है।

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