
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आज MLC चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस बीच मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कई मतदाताओं की पर्चियों में नाम और पते से जुड़ी ऐसी विसंगतियां सामने आने के दावे किए जा रहे हैं, जिनकी वजह से मतदाताओं को वोट डालने में परेशानी हो सकती है।
वोटर लिस्ट में अजीबोगरीब गलतियों के आरोप
मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों में एक मामला ऐसा बताया जा रहा है, जिसमें मतदाता का नाम सही है, लेकिन पिता के नाम की जगह ‘भिखारी’ लिख दिया गया। वहीं, एक अन्य मामले में कैंट में रहने वाले मतदाता के पते को लेकर कथित तौर पर यह दर्ज किया गया कि वह यहां नहीं रह सकता। इन कथित गड़बड़ियों से जुड़ी कई पर्चियां सोशल मीडिया और इंटरनेट पर प्रसारित हो रही हैं।
सॉफ्टवेयर की गलती बता रहा चुनाव आयोग
वोटर लिस्ट में सामने आ रही कथित विसंगतियों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से सॉफ्टवेयर की गलती का हवाला दिए जाने की बात कही जा रही है। वहीं, विपक्षी दल इन गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं और इसे साजिश करार दे रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि मतदाता सूची तैयार करने और उसकी जांच की प्रक्रिया में आखिर कहां चूक हुई। साथ ही, मतदान के दिन इन गलतियों का मतदाताओं के अधिकार पर क्या असर पड़ सकता है?
कार्रवाई और जवाबदेही पर भी सवाल
मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर SDM, DM और राज्य निर्वाचन तंत्र की जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि इतने गंभीर मामले सामने आने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने के दावे और प्रत्येक शिकायत की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। फिलहाल, मतदाता सूची की विसंगतियों को लेकर पारदर्शिता, समय पर सुधार और जिम्मेदारी तय करने की मांग अहम बनी हुई है।
मतदान के बीच मतदाताओं की चिंता
MLC चुनाव के मतदान के दौरान सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि किसी मतदाता की पर्ची में नाम, पिता के नाम या पते से जुड़ी गलती है, तो उसका समाधान कैसे होगा। मतदाता सूची में त्रुटियों की स्थिति में संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करना और आधिकारिक मतदाता सूची में दर्ज विवरण की पुष्टि करना जरूरी है। अब देखना होगा कि चुनाव अधिकारी इन शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं और मतदाताओं को बिना अनावश्यक परेशानी के मतदान का अवसर सुनिश्चित करने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।









