बाबा नीब करौरी आश्रम के पास जंगलों में लगी भीषण आग,अलर्ट पर प्रशासन

नैनीताल/कैंची धाम: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में वनाग्नि (जंगलों की आग) का तांडव लगातार विकराल होता जा रहा है। ताजा और बेहद संवेदनशील मामला अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित सुप्रसिद्ध बाबा नीब करौरी के कैंची धाम क्षेत्र से सामने आया है। यहाँ आश्रम के समीप शिप्रा नदी के पार स्थित जंगल में एकाएक भीषण आग धधक उठी। देखते ही देखते आग की गगनचुंबी लपटों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे बाबा के दर्शन करने आए देश-विदेश के श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई है।

आश्रम के पास धुआं-धुआं, वन संपदा को भारी नुकसान
चश्मदीदों के मुताबिक, बुधवार को भड़की यह आग इतनी तेज थी कि आश्रम के ठीक सामने का पूरा पहाड़ी हिस्सा धुएं के गुबार से घिर गया। इसके अलावा, बेतालघाट ब्लॉक के हरौली और धनियाकोट गांव से सटे जंगलों में भी आग ने भारी तबाही मचाई है। कई हेक्टेयर में फैली बेशकीमती वन संपदा और वन्यजीव इस आग की चपेट में आकर पूरी तरह राख हो चुके हैं। कोसी घाटी के जंगलों में लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं से क्षेत्र का पर्यावरण खतरे में पड़ गया है।

वन विभाग के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस भीषण आपदा के बीच स्थानीय क्षेत्रवासियों में वन विभाग के खिलाफ गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि एक के बाद एक जंगल स्वाहा होते जा रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से आग बुझाने या इसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस और पुख्ता कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कैंची धाम जैसे संवेदनशील पर्यटन और धार्मिक स्थल के नजदीक आग पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें अब आग पर काबू पाने की कोशिशों में जुटी हैं।

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