Uttrakhand: राजगद्दी शोभायात्रा के साथ रामलीला मंचन का हुआ समापन, रामदरबार बना आकर्षण का केंद्र

असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक दशहरा के बाद काशीपुर में देर शाम राजगद्दी शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस रामलीला मैदान में आकर समाप्त हुई।

रिपोर्ट – निज़ामुद्दीन शेख़

काशीपुर: असत्य पर सत्य की जीत के प्रतीक दशहरा के बाद काशीपुर में देर शाम राजगद्दी शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस रामलीला मैदान में आकर समाप्त हुई। सरकार के द्वारा कोविड-19 की गाइडलाइन के चलते बीते दो वर्षों से रामलीला मंचन नहीं हो पाने के बाद इस बार बीते 22 सितम्बर से रामलीला का मंचन का प्रारंभ किया गया था।

विजय दशमी के अवसर पर रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान में पायते वाली रामलीला में रावण और कुंभकरण के पुतलों के दहन के साथ दशहरे का पर्व मनाया गया था। जिसके बाद देर शाम राजगद्दी की शोभायात्रा का आयोजन किया गया। रामलीला कमेटी के प्रधान प्रबंधक महेश अग्रवाल ने बताया कि यह राजगद्दी शोभायात्रा रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान से शुरू होकर महाराणा प्रताप चौक, नगर निगम रोड, मैन मार्केट, किला मोहल्ला, मुंशीराम चौराहा, मुल्तानी मोड़, कटोराताल, चीमा चौराहा होते हुए वापस रामलीला मैदान में आकर समाप्त हुई। इसी के साथ रामलीला कमेटी के सभागार में चल रही रामलीला मंचन का भी समापन हो गया।

राजगद्दी शोभायात्रा में भगवान गणेश, माँ सरस्वती, काली मां की झांकी, हनुमान जी द्वारा राम लक्ष्मण को कंधे पर बैठाने की झांकी, राधा कृष्ण नृत्य और पंचमुखी हनुमान जी झांकी के अलावा रामदरबार जिसमे प्रभु राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान बैठे थे, आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान पुरानी सब्जी मंडी स्थित हनुमान मंदिर पर प्रभु राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान का तिलक और माला पहनाकर आरती की गई तथा भेंट स्वरूप दक्षिणा दी गयी। शोभायात्रा में शामिल मस्ताना बैंड और नब्बू मास्टर बैंड के कलाकारों की भक्तिमय धुनों और भजनों से माहौल भक्तिमय हो गया।

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