काशी में गंगा का लगातार बढ़ रहा जलस्तर, पर्यटक नही कर पा रहे नौका विहार, जनजीवन प्रभावित

भगवान शिव की नगरी में गंगा रौद्र रूप में हैं. घाट का संपर्क मार्ग टूट चुका है नौका शांत हैं और बढ़ते जल की वजह से गंगा आरती का स्थान भी अब परिवर्तित हो चुका है. बढ़ते हुए जलस्तर की वजह से घाट किनारे जीवन यापन करने वालो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. तो वही घाट पर आने वालों पर्यटको को भी निराश होकर वापस लौटना पड़ा रहा है.

रिपोर्ट- विनीत श्रीवास्तव

Desk: भगवान शिव की नगरी में गंगा रौद्र रूप में हैं. घाट का संपर्क मार्ग टूट चुका है नौका शांत हैं और बढ़ते जल की वजह से गंगा आरती का स्थान भी अब परिवर्तित हो चुका है. बढ़ते हुए जलस्तर की वजह से घाट किनारे जीवन यापन करने वालो को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. तो वही घाट पर आने वालों पर्यटको को भी निराश होकर वापस लौटना पड़ा रहा है.

धार्मिक नगरी वाराणसी में गंगा में उफान देखने को मिल रहा है. अचानक बढ़े जलस्तर की वजह से घाट किनारे जितने भी मंदिर है. हालात ये हैं कि पुरोहित अपनी चौकियां घाट के ऊपरलगा चुके हैं और नाविक बेरोजगार हो चुके हैं. गंगा का जलस्तर अभी और भी बढ़ने की उम्मीद है परेशानियां और भी बढ़ने वाली है.

वाराणसी में गंगा के जलस्तर में 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की से बढ़ोतरी हो रही है. मां गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से कुछ नीचे है वाराणसी में गंगा के खतरे का निशान 71.2 62 है. फिलहाल मां गंगा का जो आज का जलस्तर है वह 67.58 बताया जा रहा है। लेकिन जिस तरह से मां गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है. उससे जनजीवन प्रभावित होता हुआ दिख रहा है. तो वही पर्यटक भी निराश होकर लौट रहे हैं.

बढ़ते जलस्तर के बाद बाढ़ राहत चौकियों को एलर्ट कर दिया गया है . बाढ़ राहत कैम्प को भी सतर्क रहने के आदेश हैं जलस्तर बढ़ने से अभी परेशानियां और भी बढ़ने वाली हैं. निचले इलाकों में रहने वालों को भी सतर्क किया गया है.

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