
मेटा इंडिया हेड को आरोपी बनाए जाने वाले विवादित मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार ने एक बहुत बड़ा और कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। हैदराबाद साइबर क्राइम के डीसीपी अरविंद बाबू को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है और उन्हें डीजीपी कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
क्या है पूरा मामला ?
यह पूरा विवाद उस मामले से जुड़ा है जिसमें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की औपचारिक शिकायत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किए जाने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले के बाद पुलिस महकमे में हुई इस बड़ी कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
कांग्रेस के भीतर वैचारिक विरोधाभास और सवाल
इस पूरी कार्रवाई ने कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक विरोधाभासों को भी उजागर कर दिया है। एक तरफ जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पहले इस तरह की एफआईआर और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुलिसिया कार्रवाई का लगातार विरोध करते रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस शासित तेलंगाना में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार ने इसके बिल्कुल विपरीत रुख अपनाया है।
राजनीतिक विश्लेषकों और आलोचकों का कहना है कि ऐसे कई अन्य मामलों में भी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के घोषित रुख से अलग हटकर अपनी स्वतंत्र राह चुनी है। इस परिस्थिति में पार्टी आलाकमान की बेबसी और लाचारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस प्रशासनिक फेरबदल के बाद राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के पूरे आसार हैं।









