मायावती ने की प्रेस वार्ता, ब्रिक्स का दिल्ली घोषणा पत्र बताया बड़ी कूटनीतिक सफलता; BSP को तीन सेक्टरों में बांटा

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय से प्रेस वार्ता करते हुए तीन बड़े मुद्दों—दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, पंचायती विभाग के कर्मचारियों के आंदोलन और बसपा के संगठनात्मक पुनर्गठन—पर अपनी बात रखी।

ब्रिक्स सम्मेलन को बताया बड़ी कूटनीतिक सफलता

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने कहा कि यूक्रेन और ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध की तनातनी, व्यापारिक टैरिफ और आर्थिक संकट जैसी चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों का 140 पैराग्राफ का दिल्ली घोषणा पत्र सर्वसम्मति से जारी होना अपने आप में बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि ब्रिक्स करेंसी का विकास भी इस दिशा में अहम कदम होगा। फलस्तीन के मुद्दे पर दो देश समाधान और 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फलस्तीन का समर्थन तथा आतंकवाद से हर तरह से निपटने की प्रतिबद्धता से भारत के रुख को उचित समर्थन मिला है, जो सराहनीय है। उन्होंने चीन के साथ सीमा विवाद को जल्द सुलझाने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि दोनों देशों को विकास का पार्टनर समझना चाहिए।

पंचायत सहायकों के आंदोलन को दिया समर्थन

मायावती ने उत्तर प्रदेश के करीब 58 हजार पंचायत सहायकों के आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से उनकी मांगों पर सहानुभूति के साथ विचार करने की अपील की। उन्होंने बताया कि ये कर्मचारी मानदेय बढ़ाने और संविदा की बजाय स्थायीकरण की मांग को लेकर कांशीराम ग्रीन इको गार्डन के पास आंदोलनरत हैं।

BSP संगठन में बड़ा फेरबदल

संगठन को मजबूत करने की दिशा में बसपा प्रमुख ने बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि 3 सितंबर को हुई ऑल इंडिया बैठक में पार्टी को तीन सेक्टरों में बांटने का फैसला लिया गया। सेक्टर एक में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं, जिसे मायावती खुद लखनऊ से देखेंगी और दिशा-निर्देश देंगी। देश के बाकी राज्यों को दो सेक्टरों में बांटा गया है।

अब मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद खत्म कर दिया गया है और केंद्रीय सेक्टर प्रभारियों को हर डेढ़ महीने में दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय जाकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। इनकी प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा बैठक बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार दिल्ली में करेंगे और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग सेक्टरों में भी जाएंगे। इसके बाद वे रिपोर्ट मायावती को सौंपेंगे। उन्होंने कहा कि कठोर फैसलों से पार्टी और मूवमेंट को फायदा हो रहा है और कांशीराम जी का अधूरा मिशन तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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