
लखनऊ- साल 1975 को आज ही के दिन देश में आपातकाल की घोषणा की गई थी.उस समय देश में इमरजेंसी लागू होने के बाद देश की दशा और दिशा दोनों ही बदल गई थी. अब इमरजेंसी लगाए जाने के 48 साल पूरे हो चुके है. इसी पर 48 साल पूरे होने पर बीजेपी उत्तर प्रदेश में ‘काला दिवस’ मना रही है. ‘आपातकाल’ को लेकर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट किया. सीएम योगी ने अपने ट्वीट में कहा कि तानाशाही का विरोध करने वालों को नमन है. ऐसी समस्त हुतात्माओं को नमन है.
वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट किया.उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि आज ही के दिन 1975 में एक परिवार ने अपने हाथ से सत्ता निकलने के डर से जनता के अधिकारों को छीन…लोकतंत्र की हत्या कर देश पर आपातकाल थोपा था.अपने सत्ता-स्वार्थ के लिए आपातकाल लगाया गया.कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता का प्रतीक और कभी न मिटने वाला कलंक है.उस कठिन समय में अनेक यातनाएँ सहकर लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए लाखों लोगों ने संघर्ष किया.मैं उन सभी देशभक्तों को दिल से नमन करता हूँ.
21 महीने के लिए लगा था आपातकाल
1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के द्वारा देश में आपातकाल लगाया गया. ये भारत के लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे बड़ी घटना है. उस दौर में आपातकाल के समय में आम लोगों को खूब कठिनाईयों का सामना करना पड़ा था. पूरे देश में 21 महीने के लिए आपातकाल लगाया गया था. रिपोर्ट्स की मानें तो राष्ट्रपति ने इंदिरा गांधी के कहने पर भारतीय संविधान की धारा 352 के तहत आपातकाल लागू करने का ऐलान कर दिया गया था. इसके लागू होते ही इंदिरा गांधी के इस फैसले पर खूब विवाद हुआ था. देश में उस दौर के दिग्गजों ने लोकतांत्रिक इतिहास का काला अध्याय कहा था.
आपातकाल के बाद हालात
आपातकाल के ऐलान के बाद से सबसे पहले प्रेस पर सेंसरशिप लागू किया गया था. उसके बाद देशभर में नसबंदी कार्यक्रम की शुरुआत की गई थी. नागरिकों के सभी मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था. सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं को जेल में डाला जा रहा था. सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर हंगामा होने लगा था.









