8th Pay Commission: यूपी में कब बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी? जानिए क्या है योगी सरकार का प्लान…

8वां वेतन आयोग उत्तर प्रदेश में कब लागू होगा? 7वें और 6वें वेतन आयोग के पिछले रिकॉर्ड और फिटमेंट फैक्टर के आधार पर जानिए यूपी के सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या हैं संभावनाएं।

लखनऊ: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की तरह उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी भी अब 8वें वेतन आयोग के गठन और उसकी सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। राज्य में योगी आदित्यनाथ की सरकार को लेकर कर्मचारियों में यह चर्चा आम है कि आखिर राज्य सरकार इस पर अपना फैसला कब लेगी। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पिछले वेतन आयोगों के इतिहास को देखकर भविष्य की संभावित तस्वीर साफ की जा सकती है।

क्या कहता है पिछला रिकॉर्ड?

उत्तर प्रदेश सरकार का हमेशा से यह चलन रहा है कि वह केंद्र सरकार द्वारा वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने और उसके वित्तीय प्रभाव को समझने के बाद ही राज्य में इसे लागू करती है। 7वें वेतन आयोग का उदाहरण लें, तो केंद्र के फैसले के बाद राज्य मंत्रिमंडल ने 13 दिसंबर 2016 को इसे मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2017 से इसे प्रभावी किया गया था। वहीं, 6वें वेतन आयोग के दौरान भी प्रशासनिक प्रक्रिया अगस्त 2008 में पूरी हुई थी।

फिटमेंट फैक्टर और चुनौतियां

पिछले वेतन आयोगों में केंद्र सरकार ने जो फिटमेंट फैक्टर तय किया था, राज्य सरकार ने भी लगभग उसी के अनुरूप लाभ दिया। 6वें वेतन आयोग में 1.86 और 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों के वेतन में बड़ा उछाल लेकर आया था। अब उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर को लेकर बड़ा ऐलान हो सकता है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी खासी वृद्धि देखने को मिलेगी।

यूपी में क्या हो सकती है स्थिति?

उत्तर प्रदेश सरकार के लिए 8वां वेतन आयोग वित्तीय दृष्टि से एक बड़ा फैसला होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा आयोग के गठन के बाद राज्य सरकार एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन कर सकती है, जो वेतन आयोग की सिफारिशों के वित्तीय बोझ का आकलन करेगी। इसके बाद ही मंत्रिमंडल की मंजूरी और औपचारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।

फिलहाल, यूपी के सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी केंद्र सरकार के अगले कदम पर टकटकी लगाए बैठे हैं। अभी किसी भी निश्चित तारीख या फिटमेंट फैक्टर का दावा करना जल्दबाजी होगी। सरकारी विभागों की ओर से जब तक कोई आधिकारिक आदेश या शासनादेश (GO) जारी नहीं हो जाता, तब तक किसी भी तरह की अफवाहों से बचना ही उचित है। उम्मीद है कि केंद्र के फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी अपने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक निर्णय लेगी।

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