
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने माना कि जो रूट टेस्ट क्रिकेट में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के रनों की संख्या को पार कर सकते हैं हालांकि उन्होंने कहा कि रनों की भूख खिलाड़ी को रहनी चाहिए और वो लगातार चार सालों तक रन बनाता रहे।
जो रूट कंवेंशनल फॉर्मेट के इतिहास में 12,000 रन का आंकड़ा पार करने वाले सातवें बल्लेबाज बन गए हैं। ये उपलब्धि उन्होंने हाल ही में वेस्टइंडीज के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट के दौरान हासिल की है।
जो रूट अब तक 143 टेस्ट में 50.11 की औसत से 32 शतक और 63 अर्द्धशतक के साथ टेस्ट में सबसे ज्यादा 12,027 रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं और श्रीलंका के खिलाड़ी कुमार संगकारा और साथी एलेस्टेयर का रिकॉर्ड भी तोड़ सकते हैं। टेस्ट क्रिकेट में कुमार संगकारा का रिकॉर्ड 12,400 रन और पूर्व साथी एलेस्टेयर का रिकॉर्ड 12,472 रन का है।
तेंदुलकर 200 टेस्ट मैचों में 15,921 रन के साथ टेबल में टॉप पर हैं। वहीं पोंटिंग 168 टेस्ट मैचों में 13,378 रनों के साथ सूची में तेंदुलकर के बाद दूसरे नंबर पर हैं। पोंटिंग ने आईसीसी रिव्यू में कहा कि रूट सचिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इंग्लिश टीम कितने टेस्ट मैच खेलती है।अगर रूट साल में 10-14 टेस्ट मैच खेलते हैं और 800-1000 रन बनाते हैं तो वह तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ने से केवल तीन-चार साल दूर हैं।
पोंटिंग ने कहा कि रूट को रनों के लिए भूखा रहना होगा और इंग्लैंड के बल्लेबाज के पास टेस्ट रिकॉर्ड बनाने के लिए उम्र है। इसके साथ ही पोंटिंग ने कहा कि ऐसा लगता है कि रूट ने अर्धशतकों को बड़े स्कोर में बदलने की महारत हासिल कर ली है।









