
नई दिल्ली के ऐतिहासिक भारत मंडपम में आयोजित ‘AVPN ग्लोबल कॉन्फ्रेंस 2026’ में अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने दुनियाभर से आए दानदाताओं, नीति निर्माताओं और सामाजिक उद्यमियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत में दान का दायरा बदल रहा है और अब समय आ गया है कि हम दान का इस्तेमाल सिर्फ तात्कालिक मदद के लिए नहीं, बल्कि लोगों की क्षमता निर्माण (Capital for Capacity) के लिए करें।


डॉ. प्रीति अदाणी ने भारत की विकास यात्रा और 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत का सामाजिक क्षेत्र का वित्तपोषण 310 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है, जो 13% की दर से बढ़ रहा है। उन्होंने देश के छोटे शहरों और गांवों में उभर रहे स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए ‘वंदे भारतम्’ पहल का उदाहरण दिया।



अदाणी फाउंडेशन के 30 साल पूरे होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि परोपकार का असली मतलब लोगों का जीवन बदलना नहीं, बल्कि उन्हें अपना जीवन खुद बदलने के लिए सक्षम बनाना है।









