भारत की PPP आधारित अर्थव्यवस्था $15 ट्रिलियन, नीति आयोग उपाध्यक्ष ने दी बड़ी जानकारी

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर $15 ट्रिलियन पहुंच चुकी है

PPP के आधार पर भारत $15 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था

नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने कहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था परचेजिंग पावर पैरिटी (PPP) के आधार पर $15 ट्रिलियन पहुंच चुकी है, जो अमेरिका की $29 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था का लगभग आधा है। जबकि बाजार दरों पर भारत का GDP $4 ट्रिलियन है, PPP के अनुसार वास्तविक आकार तीन गुना अधिक है।

PPP क्यों है बेहतर मापदंड?

सुमन बेरी ने कहा कि PPP मॉडल से किसी देश की वास्तविक उत्पादकता और जीवन स्तर की सटीक तुलना संभव होती है। उन्होंने कहा कि “हम चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं, लेकिन असली मापदंड PPP है, जो दिखाता है कि हमारे देश की घरेलू क्रय शक्ति कितनी है।”

श्रम उत्पादकता भारत की सबसे बड़ी चुनौती

बेरी ने चिंता जताई कि G20 देशों में भारत की श्रम उत्पादकता सबसे कम है। उन्होंने कहा कि यदि भारत को अपनी जनसांख्यिकीय ताकत (Demographic Dividend) का लाभ उठाना है तो उत्पादकता सुधारना अनिवार्य है।

“हमारी समस्या विकास दर नहीं, बल्कि श्रम उत्पादकता की कम दर है – न सिर्फ अमेरिका की तुलना में, बल्कि चीन और ASEAN देशों की तुलना में भी,” – सुमन बेरी

नौकरियों की चाह क्यों है सरकारी क्षेत्र में?

बेरी ने बताया कि वास्तविक आय में वृद्धि की धीमी रफ्तार ने लोगों को सरकारी नौकरियों की ओर मोड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि 1991 से 2021 तक भारत ने औसतन 6.5% की स्थिर विकास दर बनाए रखी है, जो हमारी संस्थागत मजबूती और नीतिगत स्थायित्व को दर्शाता है।

उद्योग नीति में सुधार और वैश्विक विशेषज्ञता का आह्वान

CII समिट में बेरी ने राज्यों को सलाह दी कि वे Free Trade Agreements (FTAs) का पूरा लाभ उठाएं और वैश्विक विशेषज्ञता को स्थानीय नवाचारों के साथ जोड़ें। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा केवल मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सेवा क्षेत्र में भी होनी चाहिए।

औद्योगीकरण की दिशा में भारत को अपनाना होगा अपना मॉडल

उन्होंने कहा कि भारत को अपना औद्योगीकरण मॉडल विकसित करना चाहिए, लेकिन चीन, जापान और दक्षिण कोरिया से भी सीखना चाहिए।

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